एशिया बुक और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया ऐतिहासिक शिव बारात
भिलाई। शिव और शक्ति के पावन मिलन का पर्व महाशिवरात्रि इस वर्ष ट्विनसिटी में विशेष उत्साह और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। भक्तों ने जलाभिषेक कर भगवान शिव का आशीर्वाद लिया।
खुर्सीपार से निकली ऐतिहासिक शिव बारात18वें वर्ष में भी परंपरा बरकरार
18वें वर्ष में भी परंपरा बरकरारखुर्सीपार में बोल बम सेवा एवं समिति द्वारा भगवान शिव की भव्य बारात निकाली गई। समिति के अध्यक्ष दया सिंह के नेतृत्व में यह आयोजन लगातार 18वें वर्ष संपन्न हुआ। हथखोज से केनाल रोड तक निकली इस शोभायात्रा की शुरुआत शाम 5 बजे हुई, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल हुए।

खुर्सीपार में बोल बम सेवा एवं समिति द्वारा भगवान शिव की भव्य बारात निकाली गई। समिति के अध्यक्ष दया सिंह के नेतृत्व में यह आयोजन लगातार 18वें वर्ष संपन्न हुआ। हथखोज से केनाल रोड तक निकली इस शोभायात्रा की शुरुआत शाम 5 बजे हुई, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल हुए।
विभिन्न राज्यों की झांकियों ने बढ़ाया आकर्षण
अघोरी नृत्य और केरल की ‘कंटारा’ झांकी रही मुख्य आकर्षण
इस भव्य आयोजन में छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, केरल, हरियाणा और ओडिशा सहित कई राज्यों की आकर्षक झांकियां शामिल हुईं। अघोरी नृत्य ने जहां श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया, वहीं केरल की ‘कंटारा’ थीम पर आधारित झांकी ने विशेष रूप से सभी का ध्यान खींचा। हनुमान जी की जीवंत प्रस्तुति ने माहौल में उत्साह का संचार किया।

रिकॉर्ड बुक में दर्ज हुआ आयोजन
55 हजार श्रद्धालुओं की उपस्थिति बनी उपलब्धि
समिति के प्रदेश अध्यक्ष दया सिंह के अनुसार, इस आयोजन में लगभग 54 से 55 हजार श्रद्धालु शामिल हुए। इतनी बड़ी संख्या में सहभागिता के कारण इस शिव बारात का नाम एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है।
जनप्रतिनिधियों और विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में सांसद विजय बघेल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, पूर्व मुख्यमंत्री की पत्नी वीणा सिंह, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक, गंगाजली एजुकेशन सोसायटी के चेयरमैन आईपी मिश्रा और पद्मश्री उषा बारले सहित कई जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

आस्था, संस्कृति और एकता का संगम
महाशिवरात्रि के अवसर पर निकली इस भव्य शिव बारात ने न केवल धार्मिक आस्था को नई ऊंचाई दी, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विविधता का भी अनूठा संदेश दिया। पूरा ट्विनसिटी क्षेत्र देर रात तक ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंजता रहा।



