छत्तीसगढ़ के गायक, गायिकाओं की सुरमई सन्ध्या की यादगार शाम

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सुर संगीत संगम म्यूज़िकल ग्रुप भिलाई एवं जबलपुर के कलाकारों की संयुक्त प्रस्तुति

भिलाई, कलाकारों की नगरी और संस्कारधानी जबलपुर में  24 अक्टूबर को एक भव्य सांगीतिक सन्ध्या का आयोजन सुर संगीत संगम म्यूज़िकल ग्रुप भिलाई एवं जबलपुर के कलाकारों की संयुक्त प्रस्तुतियों द्वारा स्थानीय शहीद स्मारक आडिटोरियम, जबलपुर में किया गया। इस आयोजन में शहर के तमाम संगीत प्रेमी, कलाकारों और शहर की आम जनता ने हिस्सा लिया और इस ऐतिहासिक आयोजन के साक्षी बने।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुप्रसिद्ध स्टेंडिंग अप कामेडियन  के के नाइकर  थे एवं विशिष्ट अतिथि अन्तरराष्ट्रीय जादूगर एस के निगम एवं राजेन्द्र गहरवार प्रधान संपादक जबलपुर एडीशन”पत्रिका” थे।

कार्यक्रम का शुभारंभ सुर संगीत संगम मेलोडी मेकर्स भिलाई के डायरेक्टर महेश कुमार विनोदिया, अमरजीत सिंह तथा एस के निगम एवं सभी कलाकारों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

इसके बाद “सारे शहर में आपसा कोई नहीं”.…… जैसे ही इस गीत को मीनल गोखले और शांताराम वानखेड़े ने अपना स्वर दिया, वैसे ही ताली की गड़गड़ाहटो से शहीद स्मारक का प्रेक्षागृह गूंज उठा, हम तेरे शहर से आए हैं मुसाफिर की तरह….. अमरजीत, कह दूं तुम्हें या चुप रहूं…. शिप्रा मंडल एवं महेश विनोदिया के युगल गीत ने दर्शकों की वन्स मोर की आवाज गूंज उठी, फिर तो जैसे सुरों की नर्मदा बह उठी, जिसकी लहरों से स्वरनाद दिया जैसे गायिका लीनादास, गीता सोनी, पूर्वी मुखर्जी, शिप्रा मंडल, परीक्षा सिंह राजपूत , मीनल गोखले, प्रकाश चन्द्र बेहरा, सुनील परदेशी, शांताराम वानखेड़े, जेपी चौहान, के पी चौहान, मोहन ताम्रकार, प्रमोद सुकरित, महेश कुमार आदि कलाकारों ने अपनी आवाज का जादू बिखेरा। संगीत संयोजन गोलूबेन का रहा। इस अवसर पर वरिष्ठ संगीतकार बबलू मैथुयूज का भी स्वागत किया गया।
कार्यक्रम का संचालन राजेश दुबे द्वारा किया गया।

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