भिलाई, भिलाई-दुर्ग क्षेत्र में वर्ष 2024 से लगातार बढ़ रही दोपहिया वाहन चोरी की घटनाओं का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि पूरे गिरोह का सरगना एक मैकेनिकल इंजीनियरिंग डिप्लोमा धारक युवक था, जिसने अपनी तकनीकी जानकारी का इस्तेमाल वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम देने में किया।
गिरफ्तार मुख्य आरोपी की पहचान ई. पापा राव, निवासी कुशालपुर, चंगोरा भाठा, रायपुर के रूप में हुई है। पूछताछ में उसने बताया कि उसने भोपाल से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा प्राप्त किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी को दोपहिया वाहनों के मैकेनिकल सिस्टम, लॉकिंग मैकेनिज्म और वायरिंग की अच्छी जानकारी थी, जिसके कारण वह कम समय में वाहन का लॉक तोड़कर उसे स्टार्ट कर लेता था।
लोकप्रिय मॉडल थे निशाने पर
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी विशेष रूप से बाजार में अधिक प्रचलित और आसानी से बिकने वाले मॉडलों को निशाना बनाता था। होंडा साइन जैसे लोकप्रिय दोपहिया वाहन उसकी प्राथमिक पसंद थे। ऐसे मॉडलों की मांग अधिक होने से उन्हें खपाना आसान होता था और संदेह भी कम होता था।
पार्किंग स्थल थे मुख्य टारगेट
गिरोह द्वारा मुख्य रूप से भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) के मुख्य गेट स्थित दोपहिया पार्किंग तथा भिलाई-भट्टी क्षेत्र को निशाना बनाया जाता था। भीड़भाड़ वाले स्थानों और व्यस्त समय का चयन कर आरोपी वाहन चोरी करते थे, जिससे किसी को तुरंत संदेह न हो।
चोरी के बाद ऐसे खपाए जाते थे वाहन
मुख्य आरोपी चोरी के बाद वाहनों को जशपुर जिले के कुंकुरी क्षेत्र में ले जाता था, जहां उसके सहयोगी उन्हें बेचने का काम करते थे। मामले में मनोज राम एवं राम सेवक प्रजापति उर्फ रवि, दोनों निवासी कुंकुरी, जिला जशपुर जिला को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार चोरी के वाहनों को स्थानीय स्तर पर बदलकर या कम कीमत में बेच दिया जाता था।
31 लाख रुपये के 31 वाहन बरामद
थाना भिलाई नगर में दर्ज प्रकरणों की समीक्षा, तकनीकी साक्ष्य एवं मुखबिर सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कुल 31 दोपहिया वाहन बरामद किए हैं। इनकी अनुमानित कुल कीमत लगभग 31 लाख रुपये आंकी गई है। बरामद वाहनों में भिलाई-भट्टी क्षेत्र की 13, छावनी थाना क्षेत्र की 3, रायपुर क्षेत्र की 2 तथा अन्य विभिन्न थाना क्षेत्रों के वाहन शामिल हैं। कुछ वाहनों के दस्तावेज पंजीबद्ध नहीं पाए गए हैं।
वैधानिक कार्रवाई जारी
मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अन्य संभावित खरीदारों और सहयोगियों की पतासाजी में जुटी है।
पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने दोपहिया वाहनों को सुरक्षित स्थान पर पार्क करें, डबल लॉक का उपयोग करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। वाहन चोरी में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


