भिलाई। चंद्रा मौर्या टाकीज अंडर ब्रिज के पास नाले में 13 दिसंबर को बोरे में बंद मिली महिला की लाश के मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया कि महिला की हत्या उसी के प्रेमी ने की थी और वारदात के बाद अपने भाई व एक ऑटो चालक की मदद से शव को ठिकाने लगाया गया।
मृतका की पहचान आरती उर्फ भारती निर्मलकर के रूप में हुई है, जो पिछले कुछ महीनों से कोसानगर सुपेला निवासी तुला राम बंजारे के साथ लीव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी। पुलिस ने मुख्य आरोपित तुला राम सहित कुल तीन लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, 5 दिसंबर की रात शराब के नशे में आरती और तुला राम के बीच विवाद हुआ। कहासुनी गाली-गलौज और मारपीट में बदल गई। गुस्से में तुला राम ने आरती को जोरदार थप्पड़ मारा और उसका सिर दीवार से टकरा दिया, जिससे वह जमीन पर गिर पड़ी। कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई।
हत्या के बाद अपराध छिपाने के लिए तुला राम ने आरती का नाईटी जला दिया और शव को रस्सी से बांधकर बोरे में भर दिया। इसके बाद उसने अपने भाई गोवर्धन बंजारे और ऑटो चालक शक्ति भौयर को बुलाया। तीनों ने रात करीब तीन बजे शव को ऑटो में रखकर चंद्रा मौर्या टाकीज अंडर ब्रिज के पास नाले में फेंक दिया।
अगले दिन तुला राम ने लोगों को गुमराह करने के लिए यह अफवाह फैलाई कि आरती नागपुर चली गई है। हालांकि, नाले में मिले शव की पहचान के बाद पूरी सच्चाई सामने आ गई। 17 दिसंबर को कृष्णा नगर निवासी आमरौतिन ने शव पर बने गोदने और पहनी हुई चूड़ियों के आधार पर आरती की पहचान की।
पुलिस ने आरोपित के घर से टूटी चूड़ियों के टुकड़े, रस्सी और अन्य अहम सबूत बरामद किए हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपित तुला राम के खिलाफ पहले से हत्या और मारपीट जैसे गंभीर अपराध दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में मजबूत साक्ष्य जुटा लिए गए हैं और आगे की कार्रवाई की जा रही है।


