“ऊर्जा, स्वास्थ्य और जागरूकता का संगम: भिलाई-3 के डॉ. खूबचंद बघेल महाविद्यालय में एक्यूप्रेशर कार्यशाला का सफल आयोजन”

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“ऊर्जा संतुलन की वैज्ञानिक पद्धति” — मुख्य अतिथि डॉ. अतुल साहू ने दिया प्रायोगिक प्रशिक्षण

प्राकृतिक चिकित्सा की ओर कदम — प्राचार्य डॉ. अश्विनी महाजन ने दी स्वस्थ जीवन की प्रेरणा

भिलाई, डॉ. खूबचंद बघेल शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, भिलाई-3 में महाविद्यालय की रेड क्रॉस सोसाइटी, एनएसएस, एनसीसी तथा अमूल्य एकेडमी के संयुक्त तत्वावधान में एक्यूप्रेशर कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अश्विनी महाजन द्वारा सरस्वती माता की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।

प्राचार्य ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज की व्यस्त और तनावपूर्ण जीवनशैली में छात्रों के लिए शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना अत्यंत आवश्यक है। ऐसे आयोजनों से छात्रों को वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों का ज्ञान प्राप्त होता है, जो उन्हें जीवनभर स्वस्थ रहने में सहायक सिद्ध हो सकता है। उन्होंने प्राकृतिक चिकित्सा को आज के समय की आवश्यकता बताते हुए एक्यूप्रेशर के वैज्ञानिक पक्ष, ऊर्जा संतुलन तथा स्वस्थ दिनचर्या में इसकी महत्त्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस संयुक्त कार्यशाला की सराहना करते हुए सभी इकाइयों को धन्यवाद दिया।

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. अतुल साहू ने एक्यूप्रेशर को “शरीर की ऊर्जा को संतुलित करने वाली वैज्ञानिक पद्धति” बताते हुए छात्रों को इसकी मूल अवधारणा, विभिन्न प्रेशर पॉइंट्स, उनके प्रभाव तथा उपचार की व्यावहारिक प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एक्यूप्रेशर केवल उपचार नहीं, बल्कि शरीर की ऊर्जा प्रणाली को सक्रिय व संतुलित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने छात्रों को तनाव नियंत्रण, सिरदर्द, पीठदर्द, मानसिक शांति और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में एक्यूप्रेशर के उपयोग के व्यावहारिक तरीके भी प्रदर्शित किए। साथ ही उन्होंने छात्रों के साथ रोचक प्रश्नोत्तरी आयोजित की, जिससे छात्रों की उत्सुकता और सहभागिता में वृद्धि हुई। मंच पर ही उन्होंने विभिन्न प्रेशर पॉइंट्स के प्रयोग का प्रत्यक्ष प्रदर्शन भी किया। उन्होंने लाइफस्टाइल एवं डाईट सुधार हेतु सुझाव दिया I

कार्यशाला की रूपरेखा एवं उद्देश्यों संबंधी विस्तृत जानकारी रेड क्रॉस सोसाइटी की संयोजक डॉ. अल्पना देशपांडे ने प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि एक्यूप्रेशर एक ऐसी प्राकृतिक उपचार प्रणाली है, जिसमें शरीर के विशिष्ट बिंदुओं पर दबाव देकर दर्द, तनाव, अनिद्रा, अपच आदि समस्याओं में राहत प्रदान की जाती है। उन्होंने बताया कि रेड क्रॉस सोसाइटी छात्रों को स्वास्थ्य, सेवा और जागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों से निरंतर जोड़ने का प्रयास करती है। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य छात्रों में स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता तथा आत्म-देखभाल की समझ विकसित करना है। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और एक्यूप्रेशर तकनीकों का प्रत्यक्ष अभ्यास किया। छात्रों ने इस कार्यशाला को अत्यंत उपयोगी, ज्ञानवर्धक एवं स्वास्थ्यप्रद बताते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों की अपेक्षा व्यक्त की।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. ममता सराफ ने अत्यंत प्रभावी ढंग से किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. श्रीकांत प्रधान द्वारा प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में डॉ. भारती सेठी, डॉ. शीला विजय, डॉ. अल्पना दूबे, डॉ.मनीष कालरा, मंजू दांडेकर,  रेणु वर्मा, डॉ. नीलम गुप्ता, डॉ. दीप्ति बघेल,  दिनेश देवांगन, डॉ. चूड़ामणि, तकनीकी सहयोगी खोमन बंछोर एवं अमूल्य एकेडमी से डॉ. विजय लक्ष्मी साहू, डॉ.  विवेक साहू, डॉ. चंद्रकांत, बिंदु साहू, भावना साहू, अमीषा पटले, खुशबू साहू उपस्थित रहे।

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