भिलाई, नव वर्ष के पहले दिन भिलाई–दुर्ग अंचल पूरी तरह उत्सव और पर्यटन के रंग में रंगा नजर आया। एक जनवरी को सुबह से ही प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। परिवार के साथ सैर-सपाटे और धार्मिक दर्शन के लिए निकले लोगों की पहली पसंद भिलाई का प्रसिद्ध मैत्री बाग और देवबलोदा का प्राचीन शिव मंदिर रहा।
नए साल के अवसर पर पर्यटकों की संभावित भीड़ को देखते हुए मैत्री बाग प्रबंधन ने विशेष तैयारियाँ की थीं। भीड़ को सुचारु रूप से नियंत्रित करने के लिए टिकट, सुरक्षा और मनोरंजन के व्यापक इंतजाम किए गए। प्रवेश को आसान बनाने के लिए 25 पेटीएम काउंटर और 25 स्कैनर मशीनें लगाई गईं, जिससे डिजिटल भुगतान के जरिए पर्यटक बिना लंबी कतार में लगे अंदर प्रवेश कर सके।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत मैत्री बाग के मुख्य द्वार और परिसर में दो कंट्रोल रूम बनाए गए थे। इसके अलावा 50 पुलिस जवान, 50 सीआईएसएफ के जवान और 25 वाहनों की तैनाती की गई। पार्किंग, प्रवेश और निकास मार्गों पर भी अतिरिक्त निगरानी रखी गई। नव वर्ष के दिन पर्यटकों के मनोरंजन के लिए सुबह से देर शाम तक संगीत कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें ट्विन सिटी के स्थानीय कलाकारों ने प्रस्तुति दी। करीब 100 दर्शकों के बैठने की व्यवस्था की गई थी। वहीं पर्यटकों की सुविधा के लिए मैत्री बाग कैंटीन में नया फूड जोन भी एक जनवरी से शुरू किया गया।

इधर धार्मिक पर्यटन के शौकीनों के लिए दुर्ग जिले के भिलाई-चरोदा निगम क्षेत्र अंतर्गत देवबलोदा गांव में स्थित 11वीं शताब्दी का प्राचीन शिव मंदिर आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना रहा, यहां पर भीड़ सुबह से शाम तक उमड़ी रही। रायपुर-दुर्ग फोरलेन से मात्र तीन किलोमीटर दूर स्थित यह मंदिर अपनी स्थापत्य कला, शांत वातावरण और पौराणिक मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध है। भारतीय पुरातत्व विभाग के संरक्षण में विकसित हो रहे इस मंदिर की ऐतिहासिक गरिमा और सौंदर्य पर्यटकों को खासा आकर्षित करता रहा है।
इधर भिलाई के सेक्टर-9 अस्पताल में भी श्रद्धालुओं की लंबी कतार देखने मिली। कुम्हारी के साईं धाम मंदिर, जैन तीर्थ कैवल्यधाम, मां महामाया मंदिर और चरोदा के हनुमान मंदिर में भी यही स्थिति देखने मिली।


