आठ मेडिकल कॉलेजों के लिए पृथक अस्पताल की मांग, मिशन मोड में सुधार पर जोर
रायपुर, छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था को तेज और परिणामोन्मुख बनाने के लिए केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि टीबी मुक्त भारत लक्ष्य को मिशन मोड में पूरा किया जाएगा और इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
समीक्षा बैठक में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन संचालक रणबीर शर्मा सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने दवा विनियमन को कड़ा करने, जांच और निदान सुविधाओं का विस्तार करने, टेलीमेडिसिन तथा रोगी-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि देशभर में शुरू किए गए स्वास्थ्य परामर्श अभियानों से औषधि प्रबंधन और जनस्वास्थ्य पहलों को नई दिशा मिलेगी, जिसका सीधा लाभ आम नागरिकों तक पहुंचेगा।
बैठक में सभी रक्तकोषों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन, नियमित निरीक्षण और निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। निःशुल्क औषधि एवं निदान योजना के तहत अधिकतम आबादी को लाभान्वित करने, खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने और खाद्य एवं औषधि परीक्षण क्षमता बढ़ाने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया गया।
क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम को तेज करने के निर्देश देते हुए अधिक संख्या में निक्षय मित्र जोड़ने, जोखिमग्रस्त आबादी में एक्स-रे आधारित जांच को शीघ्र पूरा करने और समय पर उपचार सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही सभी जिलों में डे-केयर कीमोथेरेपी सेवाएं शुरू कर कैंसर उपचार को मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए।
मातृ, शिशु और नवजात मृत्यु दर में कमी लाने के लिए निगरानी तंत्र मजबूत करने तथा गैर-संचारी रोगों की शत-प्रतिशत स्क्रीनिंग लक्ष्य आधारित तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए गए। कुष्ठ नियंत्रण के लिए प्रत्येक तिमाही सक्रिय रोगी खोज अभियान और जनजागरूकता बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने टीबी कार्यक्रम को सशक्त बनाने के लिए 146 हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनें उपलब्ध कराने की घोषणा की। बैठक में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री द्वारा आठ मेडिकल कॉलेजों के लिए पृथक अस्पताल स्थापित करने की मांग रखी गई, जिस पर केंद्र ने सकारात्मक सहयोग का आश्वासन दिया।
समीक्षा के अंत में नड्डा ने कहा कि केंद्र और राज्य की साझेदारी से ही स्वास्थ्य सेवाओं में ठोस और टिकाऊ सुधार संभव है। उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा पहुंचाना है।


