भिलाई। पुरानी भिलाई थाने में पदस्थ रहे निलंबित आरक्षक अरविन्द कुमार मेन्ढे को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया है। एक महिला द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों की जांच के बाद यह कार्रवाई की गई। आरोप था कि आरक्षक ने महिला के बेटे को जेल से छुड़ाने का प्रलोभन देकर उसके साथ आपत्तिजनक आचरण किया।
जांच में पाया गया कि आरक्षक का आचरण पुलिस रेगुलेशन के पैरा 64 (सेवा की सामान्य शर्तें) तथा सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के विपरीत है। इसके आधार पर भारत के संविधान के अनुच्छेद 311 के खंड (2) के उपखंड (ख) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने आदेश क्रमांक 1211 के तहत अरविन्द कुमार मेन्ढे को निलंबन से बहाल करते हुए तत्काल प्रभाव से सेवा से पदच्युत कर दिया।
उल्लेखनीय है कि अरविन्द कुमार मेन्ढे 18 अगस्त 2008 को पुलिस आरक्षक के रूप में शासकीय सेवा में नियुक्त हुआ था और 28 जून 2021 से पुरानी भिलाई थाने में पदस्थ था। महिला की रिपोर्ट पर थाना पुरानी भिलाई में बीएनएस की धारा 64 (2)(ए)(आई) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था। प्राथमिक जांच में सामने आया कि 18 नवंबर 2025 को आरक्षक ने पीड़िता को कई बार फोन कर चरोदा बस स्टैंड के पास बुलाया।
पीड़िता की शिकायत के बाद आरोपी आरक्षक को निलंबित कर दिया गया था। 16 दिसंबर 2025 को कथन दर्ज कराने के लिए नोटिस जारी किया गया, लेकिन वह 19 नवंबर 2025 से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित पाया गया। नोटिस उसके निवास पर भी तामील नहीं हो सका। अंततः सभी तथ्यों के आधार पर विभागीय कार्रवाई पूर्ण करते हुए उसकी बर्खास्तगी सुनिश्चित की गई।


