भिलाई। नगर पालिक निगम भिलाई-चरौदा के आयुक्त डी.एस. राजपूत ने निगम क्षेत्र के अंतर्गत संपत्ति कर, समेकित कर एवं जलकर सहित सभी प्रकार के बकाया करों की वसूली को लेकर वसूली दल को सख्त निर्देश जारी किए हैं। आयुक्त ने कहा है कि वसूली कार्य निगम के वित्तीय प्रबंधन एवं विकास योजनाओं की निरंतरता का महत्वपूर्ण आधार है, इसलिए इसमें किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में शत-प्रतिशत वसूली के लक्ष्य को आधार बनाते हुए एक ठोस, परिणाम-उन्मुख और चरणबद्ध कार्ययोजना तैयार की जाए तथा उसके अनुसार तुरंत प्रभाव से कार्रवाई शुरू की जाए।
आयुक्त राजपूत ने वसूली अमले को यह भी निर्देशित किया है कि करदाताओं से नियमित रूप से संपर्क स्थापित करें, उन्हें देय करों की जानकारी समय-समय पर उपलब्ध कराएं और भुगतान के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि छोटे करदाताओं के साथ-साथ उन बड़े बकायेदारों पर विशेष ध्यान दिया जाए, जिन्होंने कई वर्षों से कर जमा नहीं किया है। ऐसे सभी बड़े बकायादारों की एक अलग एवं विस्तृत सूची तैयार की जाए और आवश्यकतानुसार इसे सार्वजनिक कर प्रकाशन की व्यवस्था भी की जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और कर भुगतान के प्रति जागरूकता बढ़ सके।
उन्होंने यह भी कहा कि कर वसूली सिर्फ राजस्व संग्रह का कार्य नहीं है, बल्कि यह शहर के विकास, बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण तथा नागरिक सेवाओं के विस्तार से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ा हुआ है। इसलिए प्रत्येक करदाता का दायित्व है कि वह अपने भू-भाटक, संपत्तिकर एवं जलकर की बकाया राशि समय पर जमा कर निगम के विकास में सहयोग दे। समय पर कर भुगतान करने से नागरिक न केवल अधिभार और दंडात्मक कार्रवाई से बचेंगे, बल्कि शहर के समग्र विकास में भी सहभागी बनेंगे। निगम प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे कर भुगतान को प्राथमिकता दें और भिलाई-चरौदा नगर के विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।


