व्यावसायिक दक्षता और व्यक्तित्व विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
भिलाई, छात्र–छात्राओं एवं नगरवासी के व्यक्तित्व विकास एवं स्वरोजगार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए डॉ. खूबचंद बघेल शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, भिलाई-3 में 10 दिवसीय निःशुल्क 30 घंटे का वैल्यू एडेड कोर्स जिसका विषय “सेल्फ ग्रूमिंग ब्यूटी ट्रीटमेंट और स्किन हाइक्स” पर कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम IQAC के अंतर्गत कौशल विकास समिति के तत्वावधान में आयोजित हो रहा है, जिसका उद्देश्य छात्र–छात्राओं को शिक्षा के साथ व्यावसायिक दक्षताओं से सशक्त बनाना है।
इस कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अश्विनी महाजन की अध्यक्षता में हुआ। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान समय में केवल डिग्री के आधार पर रोजगार पाना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। ऐसे में व्यक्तित्व निखार, संचार कौशल एवं प्रोफेशनल क्षमताएँ ही छात्र–छात्राओं को प्रतिस्पर्धा में आगे ले जाती हैं। उन्होंने छात्रों को कहा की कौशल विकास शिक्षा न केवल आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है बल्कि यह छात्र–छात्राओं को अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के योग्य भी बनाती है। महाविद्यालय द्वारा छात्रों के सर्वांगीण विकास हेतु निरंतर ऐसे नवाचारी कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे। साथ ही उन्होंने छात्र को प्रशिक्षण प्राप्त करके सैलून प्रारंभ करने के लिए प्रेरित कियाI इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि स्वीट टच प्रोफेशनल ब्यूटी पार्लर की संचालिका एवं मेकअप आर्टिस्ट श्रीमती मनिंदर कौर रहीं। उन्होंने “सेल्फ ग्रूमिंग, ब्यूटी ट्रीटमेंट एवं स्किन हाइजीन” पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान करते हुए कहा कि आकर्षक व्यक्तित्व एवं आत्मविश्वास किसी भी करियर का प्रमुख आधार है। वेलनेस इंडस्ट्री में रोजगार एवं स्वरोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध हैं, जिनका लाभ छात्र–छात्राओं द्वारा निश्चित रूप से उठा सकते हैं। और उन्होंने कहा की मात्र 50 रूपये से इस व्यवसाय को प्रारंभ किया जा सकता है ।
इस कार्यशाला की समन्वयक डॉ. अल्पना देशपांडे ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज के समय में “कौशल ही वास्तविक पूँजी” है। छात्र–छात्राएँ यदि इस क्षेत्र में दक्षता प्राप्त कर लें तो घर बैठे भी स्वरोजगार शुरू कर सकते है। उन्होंने कहा कि ब्यूटी एवं वेलनेस क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से छोटे स्तर पर भी व्यवसाय को ऊँचाई तक पहुँचाया जा सकता है। इसलिए छात्र–छात्राओं एवं अन्य इच्क्षुक नगरवासी इस निशुल्क कार्यशाला में सीखी प्रत्येक तकनीक को गंभीरता से आत्मसात कर भविष्य में उसका लाभ लेंसकते है । इस कार्यक्रम का संचालन डॉ. नीलम गुप्ता ने किया तथा 10 दिवसीय प्रशिक्षण के अंतर्गत प्रदान की जाने वाली सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक शिक्षण प्रक्रिया पर प्रकाश डाला। निशुल्क कोर्स पूर्ण होने पर छात्र–छात्राओं को परीक्षा लेकर प्रमाण पत्र भी वितरित किए जाएंगे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में छात्र–छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और मुख्य अतिथि से विभिन्न जिज्ञासाओं के समाधान भी प्राप्त किए।

छात्र–छात्राओं ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम उनके लिए व्यक्तित्व संवर्धन एवं रोजगार के अवसरों का नया मार्ग प्रशस्त करेगा। इस कार्यक्रम में IQAC इंचार्ज डॉ. शीला विजय, डॉ. भारती सेठी, डॉ.मंजुला गुप्ता, डॉ. अल्पना दूबे, डॉ. मनीष कालरा, मंजू दांडेकर, डॉ. ममता सराफ, रेणु वर्मा, डॉ श्रीकांत प्रधान, डॉ.दीप्ति बघेल, योगिता ठाकुर, दिनेश देवांगन एवं अन्य प्राध्यापक गण उपस्थित रहे।


