थाना उतई की टीम ने मामले में निभाई अहम भूमिका, जननी सुरक्षा योजना और जीवनदीप समिति के खातों से अवैध आहरण
दुर्ग। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र उतई में शासकीय मद से लाखों रुपये के गबन और धोखाधड़ी का मामला सामने आने के बाद संविदा कर्मी किरण भारत सागर को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। मामले की शिकायत खंड चिकित्सा अधिकारी नारायण लाल बंजारे, निवासी बोरसीभाठा द्वारा थाना पद्मनाभपुर में दर्ज कराई गई।
शिकायत के अनुसार अक्टूबर 2025 में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र उतई के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेंद्र मोलन ने आरोपिया किरण भारत सागर द्वारा वित्तीय और लेखा संबंधी अनियमितताओं की जानकारी खंड चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र निकुम को भेजी थी। इसके बाद खंड चिकित्सा अधिकारी ने जांच समिति गठित की। समिति ने बैंक स्टेटमेंट और दस्तावेजों के आधार पर पाया कि आरोपिया ने जीवनदीप समिति और जननी सुरक्षा योजना के शासकीय खातों से कुल 26,06,057.64 रुपए का अनियमित आहरण किया और यह राशि अपने बैंक खाते तथा परिचितों के खातों में स्थानांतरित कर दी।
जांच रिपोर्ट के आधार पर थाना उतई में अपराध क्रमांक 484/2025, धारा 316(5) व 318(4) BNS के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। विवेचना के दौरान आरोपिया को तलाश कर हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि गबन की गई राशि से उसने विभिन्न वित्तीय संस्थाओं के ऋण का भुगतान किया।
इसमें—
4 लाख रुपये बजाज फाइनेंस,
5 लाख रुपये नावी फाइनेंस,
1 लाख रुपये यूनिटी बैंक,
1 लाख 40 हजार रुपये मनी व्यू लोन कंपनी,
60 हजार रुपये ग्रामीण कूट बैंक,
70 हजार रुपये श्रीराम फाइनेंस
और 40 हजार रुपये सिम्स प्राइवेट कंपनी के लोन चुकाना शामिल है।
आरोपिया ने बताया कि इसी धनराशि से उसने एक टीवीएस मोटरसाइकिल खरीदी और 2 लाख 88 हजार रुपये जननी सुरक्षा योजना एवं जीवनदीप समिति में वापस जमा किए। पुलिस ने उसके पास से बैंक ऑफ इंडिया की पासबुक, चेकबुक, पैन कार्ड और ओप्पो ए5 प्रो मोबाइल जब्त कर लिया।
पूरी कार्रवाई में थाना उतई के निरीक्षक महेश कुमार ध्रुव, सहायक उपनिरीक्षक सुरेश पांडेय, आरक्षक राजीव दुबे, महेश यादव, महिला आरक्षक रीना तिवारी, मंजू ठाकुर और पूजा सोनकर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


