डेढ़ साल पहले नंदन वन से लायी गई थी सफेद बाघिन जया
भिलाई। भिलाई स्टील प्लांट द्वारा संचालित मैत्रीबाग में सफेद बाघिन जया की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। एक दिन पहले तक पूरी तरह स्वस्थ दिखाई दे रही जया के अचानक दम तोड़ देने से मैत्रीबाग प्रबंधन सकते में है।
वन विभाग ने जया की मौत की पुष्टि कर दी है। वहीं, मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार बाघिन के पेट में संक्रमण की बात सामने आ रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
मैत्रीबाग लंबे समय से सफेद बाघों के संरक्षण केंद्र के रूप में जाना जाता है। यहां कल तक छह सफेद बाघ थे, लेकिन जया की मौत के बाद अब संख्या घटकर पाँच रह गई है। जया को रायपुर के नंदनवन से करीब डेढ़ वर्ष पहले एक्सचेंज के तहत भिलाई लाया गया था।
उल्लेखनीय है कि डेढ साल पहले रायपुर जंगल सफारी से चार बार्किंग डियर और चार स्याही मैत्रीबाग भेजी गई थीं। इनके बदले मैत्रीबाग से दो सियार रायपुर भेजे गए थे। इसी अदला-बदली प्रक्रिया में जया को भी मैत्रीबाग में लाया गया था।
इसके अलावा मैत्रीबाग की शेरनी धरक्षाध को भी जंगल सफारी भेजा गया है। वन्यजीवों में इन-ब्रीडिंग रोकने और जैव विविधता को बनाए रखने के उद्देश्य से यह एक्सचेंज प्रोग्राम चल रहा है।


