भू-अधिकार मंच ने पंजीयन कार्यालय के सामने दिया धरना, रैली निकालकर SDM को सौंपा ज्ञापन; संशोधन वापस न लेने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
भिलाई। प्रदेश में अचल संपत्तियों की सरकारी गाइडलाइन दरों में की गई भारी वृद्धि के विरोध में भिलाई-चरोदा जनएकता भू-अधिकार मंच 27 नवंबर को भिलाई-3 पंजीयन कार्यालय के सामने शापिंग माल परिसर भिलाई-3 के गेट पर धरना-प्रदर्शन किया गया। मंच के सामूहिक नेतृत्व में यह आंदोलन हुआ और जमकर नारेबाजी भी की गई।

इसके बाद प्रतिनिधिमंडल द्वारा रैली निकाल अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान पंजीयन कार्यालय में पंजीयन का भी उन्होंने विरोध किया।
मंच के पदाधिकारियों ने बताया कि शासन द्वारा 11 नवंबर 2025 को भू-राजस्व संहिता संशोधन का प्रकाशन तथा 20 नवंबर से नई गाइडलाइन दरें लागू कर दी गई हैं, जो जन-विरोधी एवं कानूनी रूप से त्रुटिपूर्ण बताई जा रही हैं। उनके अनुसार, दरों में अचानक की गई भारी वृद्धि से न केवल स्टांप शुल्क और पंजीयन शुल्क में वृद्धि होगी, बल्कि भूमि लगान भी पहले की तुलना में कई गुना बढ़ जाएगा।
आंदोलनकारियों का कहना था कि पहले 30 वर्ष की अवधि के लिए एक समान भूमि लगान तय किया जाता था, लेकिन अब हर वर्ष नई गाइडलाइन के आधार पर लगान निर्धारण और अन्य भूमि-संबंधी शुल्क बढ़ाए जाने से आम नागरिकों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। इससे आम लोगों के लिए जमीन लेना और मकान बनाना लगभग एक सपना बनता जा रहा है।

जन एकता भू-अधिकार मंच ने स्पष्ट कहा है कि वे एसडीएम के माध्यम से सरकार से इन संशोधनों को जनहित में तत्काल वापस लेने की मांग की। मंच ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो भविष्य में उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस अवसर पर संतोष अग्रवाल, कृष्णा चंद्राकर, निर्मल कोसरे, संजय अग्रवाल, राजा जैन, सुजीत बघेल, वेंकट रमना, टानेंद्र ठाकरे, आनंद टेम्बुलकर, विनोद, शेखर पाटील आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे और शासन के निर्णय पर आक्रोश भी जताया।


