8 नवंबर को होगा पहला सम्मेलन
भिलाई। शिक्षा सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं होती, बल्कि वह रिश्ते और जिम्मेदारियां भी गढ़ती है इसी भावना के साथ डा खूबचंद बघेल शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय भिलाई-3 में आयोजित बैठक में भूतपूर्व छात्रों, प्राध्यापक सदस्यों और प्राचार्य की उपस्थिति में अलुमनी एसोसिएशन का गठन किया गया।
बैठक में सभी पूर्व छात्रों की सहमति से नई समिति का गठन किया गया। जिसमें अध्यक्ष मनीष अग्रवाल, उपाध्यक्ष उपकार चंद्राकर व राजेश बघेल, सचिव अतुल सिंह, सहसचिव बालमुकुंद वर्मा और विजय यादव, कोषाध्यक्ष कमल किशोर तथा तकनीकी सहयोगी के रूप में खोमन बंछोर को जिम्मेदारी सौंपी गई।
महिला पदाधिकारियों के रूप में वर्षा पांडे और गुड़िया मिश्रा का चयन किया गया।
बैठक में निर्णय लिया गया कि 8 नवंबर 2025 को भूतपूर्व छात्रों का सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर महाविद्यालय में पूर्व में कार्यरत प्राध्यापकगण, कार्यालय कर्मी और प्राचार्य का सम्मान भी किया जाएगा। कार्यक्रम के लिए पंजीयन शुल्क ₹50 निर्धारित किया गया है। साथ ही, सम्मेलन को तीन सत्रों में विभाजित कर आयोजित करने का प्रस्ताव रखा गया है।

मुख्य अतिथि के रूप में राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री, दुर्ग सांसद, हेमचंद विश्वविद्यालय के कुलपति, पद्मश्री सम्मानित व्यक्ति और किसी सम्मानित भूतपूर्व छात्र को आमंत्रित करने पर भी विचार हुआ। बैठक में यह भाव गूंजा कि महाविद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि स्मृतियों और संस्कारों का परिवार है। भूतपूर्व छात्रों ने एक स्वर में कहा — “अब समय है अपने संस्थान को लौटाने का, जिसने हमें पहचान दी।”
यह आयोजन न केवल पुराने साथियों को जोड़ने का अवसर होगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा और संस्था के विकास में सहभागिता का प्रतीक बनेगा।


