छह थाना क्षेत्रों में पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त कार्रवाई, बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, सिम कार्ड और मोबाइल फोन जब्त
दुर्ग, साइबर ठगी की रकम को बैंक खातों के माध्यम से इधर-उधर करने के मामले में दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 13 आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की है। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत 21 अक्टूबर को जिले के छह थाना क्षेत्रों में एक साथ कार्रवाई की गई। इसमें नेवई, पुरानी भिलाई, भिलाई भट्ठी, भिलाई नगर, सुपेला और खुर्सीपार थाना पुलिस के साथ एसीसीयू की टीम शामिल रही।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि संबंधित व्यक्ति पांच हजार से 15 हजार रुपये तक के कमीशन अथवा आर्थिक लाभ के लालच में अपने या अन्य व्यक्तियों के बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज दूसरे लोगों को उपलब्ध करा रहे थे। इन दस्तावेजों में बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और मोबाइल सिम कार्ड शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त रकम के लेन-देन और हस्तांतरण के लिए किया जा रहा था। बैंक खातों के विश्लेषण और तकनीकी साक्ष्यों की जांच में लाखों रुपये से अधिक के संदिग्ध लेन-देन का पता चला है।
म्यूल बैंक खातों के जरिए ठगी की रकम का लेन-देन
साइबर अपराधी ठगी से हासिल रकम को सीधे अपने खातों में रखने के बजाय अलग-अलग व्यक्तियों के बैंक खातों के माध्यम से स्थानांतरित करते हैं। ऐसे खातों को म्यूल बैंक खाते कहा जाता है। इनका इस्तेमाल रकम के वास्तविक स्रोत और लेन-देन से जुड़े लोगों की पहचान छिपाने के लिए किया जाता है।
पुलिस के अनुसार, इस तरह के मामलों में खाताधारकों को कमीशन या अन्य आर्थिक लाभ का लालच दिया जाता है। इसके बाद उनसे बैंक खाते से संबंधित दस्तावेज, एटीएम कार्ड, चेकबुक और सिम कार्ड लेकर खातों का इस्तेमाल संदिग्ध लेन-देन में किया जाता है। दुर्ग पुलिस की जांच में भी इसी तरह की गतिविधियां सामने आई हैं।
पुलिस ने संबंधित बैंक खातों के विवरण, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध जानकारियों का विश्लेषण कर खाताधारकों की भूमिका की जांच की। इसके आधार पर छह थाना क्षेत्रों में कुल 13 आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान बैंकिंग दस्तावेजों सहित मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य संबंधित सामग्री जब्त की है।
छह थाना क्षेत्रों में इस तरह हुई कार्रवाई
नेवई थाना: यहां चार आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। इनमें प्रेक्षित कामड़े (28), निवासी रूआबांधा, भिलाई नगर; सत्यवान नायक (21), निवासी खुर्सीपार; रैय्या माधव राव (48), निवासी बापू नगर, खुर्सीपार; और रमेश कुमार कुर्रे (55), निवासी सेक्टर-2, भिलाई भट्ठी शामिल हैं। इस मामले में अपराध क्रमांक 306/2026 दर्ज है।
पुरानी भिलाई थाना: इस क्षेत्र में तीन आरोपियों विनोद कश्यप (36), निवासी धौराभाठा, उतई; भावेश उइके (27), निवासी प्रियदर्शनी मार्केट, खुर्सीपार; और ऋषभ यादव (22), निवासी शीतला मंदिर वार्ड, अहिवारा के विरुद्ध कार्रवाई की गई। यहां अपराध क्रमांक 258/2026 दर्ज है।
भिलाई भट्ठी थाना: इस थाना क्षेत्र से कुलेश्वर ठाकुर (36), निवासी गबदी पारा, पाटन के विरुद्ध कार्रवाई की गई। इस मामले में अपराध क्रमांक 63/2026 दर्ज है।
भिलाई नगर थाना: यहां गगनदीप सिंह (25), निवासी प्रगति नगर, कैंप-1, छावनी; और अनिश अग्रवाल (22), निवासी लिंक रोड, कैंप-2, छावनी के विरुद्ध कार्रवाई की गई। इस मामले में अपराध क्रमांक 388/2026 दर्ज है।
सुपेला थाना: इस क्षेत्र में आनंद शंकर (42), निवासी दुर्गा मंदिर क्षेत्र, खुर्सीपार; और नितिन वालेचा (31), निवासी मछली मार्केट, जोन-2, खुर्सीपार के विरुद्ध कार्रवाई की गई। यहां अपराध क्रमांक 679/2026 एवं 1321/2026 दर्ज हैं।
खुर्सीपार थाना: इस थाना क्षेत्र में हिमांशु गोडांने उर्फ कालू (31), निवासी सत्यभामा चौक, शंकर नगर, दुर्ग के विरुद्ध कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार, वह इंडियन बैंक का एजेंट है। इस मामले में अपराध क्रमांक 272/2026 दर्ज है।
बैंकिंग दस्तावेज और मोबाइल फोन जब्त
संयुक्त कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों से संबंधित बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, मोबाइल सिम कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं। पुलिस इन सामग्रियों और बैंक खातों से जुड़े लेन-देन के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
सभी छह थाना क्षेत्रों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(2), 318(3) और 317(4) के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच का प्रमुख उद्देश्य साइबर ठगी की रकम के हस्तांतरण में इस्तेमाल किए गए खातों की पहचान करना और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका का पता लगाना है।
कमीशन का लालच पड़ सकता है भारी
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों को आगाह किया है कि कुछ हजार रुपये के कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता किसी अन्य व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए देना गंभीर कानूनी परेशानी का कारण बन सकता है। यदि किसी खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त रकम को जमा करने या आगे हस्तांतरित करने में होता है, तो खाताधारक भी पुलिस जांच और कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकता है।
पुलिस ने अपील की है कि किसी अनजान व्यक्ति को बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, बैंकिंग संबंधी जानकारी या मोबाइल सिम कार्ड उपयोग के लिए न दें। यदि किसी को अपने बैंक खाते के दुरुपयोग की जानकारी मिलती है, तो तत्काल संबंधित बैंक और नजदीकी पुलिस थाने को सूचित करें।
साइबर ठगी होने पर 1930 पर करें शिकायत
यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन या अन्य माध्यम से वित्तीय साइबर धोखाधड़ी होती है, तो उसे बिना देरी किए साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करना चाहिए। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से सतर्क रहने और अपने बैंक खातों का इस्तेमाल किसी भी अनजान व्यक्ति के लिए नहीं करने की अपील की है। पुलिस का संदेश है कि बैंक खाता केवल व्यक्तिगत और वैध वित्तीय लेन-देन के लिए इस्तेमाल करें तथा कमीशन के लालच में साइबर अपराधियों को रकम के लेन-देन का माध्यम न बनने दें।
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