सामूहिक चारागाह की भूमि पर उद्योग लगाने का आरोप, निर्माण तत्काल रोकने की मांग
कलेक्टर की अनुपस्थिति में अपर कलेक्टर से मिले ग्रामीणों के प्रतिनिधि, छह गांवों के सरपंच-पंच और महिलाएं भी रहीं शामिल
दुर्ग, ग्राम खेरधा में सामूहिक चारागाह की भूमि पर प्रस्तावित बायो गैस प्लांट के निर्माण को लेकर ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। प्लांट का निर्माण तत्काल रोकने की मांग को लेकर मंगलवार को खेरधा सहित आसपास के छह गांवों के सैकड़ों ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे। इनमें सरपंच, पंच और बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। ग्रामीण कलेक्टर से मुलाकात कर अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन कलेक्टर के मौजूद नहीं होने पर प्रतिनिधिमंडल ने अपर कलेक्टर हरवंश सिंह मिरी से मुलाकात कर अपनी मांग रखी।
ग्रामीणों का आरोप है कि बीसीसीएल कंपनी द्वारा ग्राम खेरधा में बायो गैस प्लांट का निर्माण कराया जा रहा है। इसके लिए ग्राम खेरधा की सामूहिक चारागाह भूमि का आनन-फानन में कंपनी को आवंटन किया गया। भूमि आवंटन के तत्काल बाद ही कंपनी ने प्लांट निर्माण का काम शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि वे शुरू से ही सामूहिक चारागाह की भूमि पर उद्योग स्थापित किए जाने का विरोध कर रहे हैं।
31 अगस्त को भी सौंपा था ज्ञापन
ग्रामीणों के अनुसार प्लांट निर्माण का विरोध करते हुए 31 अगस्त को कलेक्टर और कमिश्नर को ज्ञापन सौंपकर निर्माण कार्य तत्काल रोकने की मांग की गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि ज्ञापन दिए जाने के बावजूद निर्माण कार्य जारी है। करीब एक सप्ताह बाद भी काम नहीं रुकने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई।

छह गांवों के ग्रामीण पहुंचे कलेक्ट्रेट
निर्माण कार्य बंद कराने की मांग को लेकर मंगलवार को खेरधा के अलावा मोहंदी, मुड़पार, ओखरा, नारधा और रिंगनी गांवों से भी बड़ी संख्या में ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे। ग्रामीणों ने कहा कि सामूहिक चारागाह की भूमि गांव के पशुओं के लिए महत्वपूर्ण है। यदि इसका बड़ा हिस्सा उद्योग के लिए उपयोग किया जाता है तो पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता प्रभावित होगी और भविष्य में ग्रामीणों के सामने गंभीर समस्या खड़ी हो सकती है।
प्रदूषण और रोजगार को लेकर भी जताई चिंता
ग्रामीणों ने बायो गैस प्लांट से क्षेत्र में संभावित जल और वायु प्रदूषण को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि प्लांट स्थापित होने से आसपास के पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। साथ ही ग्रामीणों ने यह भी कहा कि उद्योग स्थापित होने के बावजूद स्थानीय लोगों को पर्याप्त रोजगार मिलने की कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं है। ऐसे में ग्रामीणों की जमीन और चारागाह की भूमि प्रभावित होने के बाद भी उन्हें इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिलेगा।
अपर कलेक्टर से रखी मांग
कलेक्टर से मुलाकात नहीं होने पर ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने अपर कलेक्टर हरवंश सिंह मिरी से चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने प्लांट निर्माण से जुड़ी अपनी आपत्तियां बताते हुए निर्माण कार्य तत्काल रोकने का आग्रह किया। ग्रामीणों ने कहा कि उनकी मांग पर प्रशासन गंभीरता से विचार करे और सामूहिक चारागाह की भूमि के उपयोग तथा प्लांट निर्माण की प्रक्रिया की जांच कराई जाए।
ग्रामीणों के समर्थन में संग्राम परिषद
ग्रामीणों के आंदोलन और मांग के समर्थन में छत्तीसगढ़ संग्राम परिषद के अध्यक्ष एडवोकेट राजकुमार गुप्त भी उनके साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की मांग का समर्थन करते हुए प्रशासन से मामले में उचित कार्रवाई करने और ग्रामीणों की आपत्तियों का निराकरण किए जाने की मांग की।
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी आपत्तियों पर प्रशासन स्तर पर उचित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक वे सामूहिक चारागाह की भूमि पर बायो गैस प्लांट निर्माण का विरोध जारी रखेंगे।
Link : https://shricgnewscreator.com/hundreds-of-villagers-reached-the-collectorate-to-protest-against-the-construction-of-a-biogas-plant/













