फर्जी कॉल, लिंक और ओटीपी से सावधान रहने की दी समझाइश, ऑनलाइन ठगी होने पर तत्काल सूचना देने की अपील
दुर्ग, रक्षाबंधन के अवसर पर शुक्रवार को केंद्रीय जेल परिसर दुर्ग में बंदियों से मिलने और उन्हें राखी बांधने के लिए बड़ी संख्या में परिजन पहुंचे। करीब 4 हजार परिजनों की मौजूदगी के बीच दुर्ग पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था संभालने के साथ ही साइबर जागृति अभियान भी चलाया। पुलिस अधिकारियों और साइबर टीम ने जेल परिसर में पहुंचे लोगों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल और संदेश, संदिग्ध लिंक, ओटीपी तथा डिजिटल माध्यम से होने वाले साइबर अपराधों से बचाव के तरीके बताए।
अभियान के दौरान पुलिस ने लोगों को सरल भाषा में समझाया कि साइबर अपराधी अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। बैंक अधिकारी, रिश्तेदार या अन्य परिचित बनकर फोन करने वाले अनजान लोगों पर भरोसा नहीं करना चाहिए। किसी भी व्यक्ति के साथ ओटीपी, एटीएम संबंधी जानकारी, बैंक खाता विवरण, पासवर्ड अथवा अन्य गोपनीय डिजिटल जानकारी साझा नहीं करने की सलाह दी गई।

संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करने की सलाह
दुर्ग पुलिस की साइबर टीम ने उपस्थित परिजनों को विशेष रूप से संदिग्ध लिंक से सावधान रहने की समझाइश दी। पुलिस ने बताया कि साइबर ठग आकर्षक ऑफर, इनाम, बैंक खाता बंद होने, केवाईसी अपडेट या अन्य बहाने बनाकर लोगों को लिंक भेजते हैं। ऐसे लिंक पर क्लिक करने से आर्थिक नुकसान हो सकता है। इसलिए किसी भी अनजान लिंक को खोलने से पहले उसकी विश्वसनीयता की जांच करना जरूरी है।
ठगी होने पर तत्काल पुलिस को दें सूचना
पुलिस ने लोगों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन ठगी हो जाती है तो घबराने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। साथ ही संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों की जानकारी भी पुलिस तक पहुंचाने के लिए कहा गया।
परिजनों ने अभियान को बताया उपयोगी
केंद्रीय जेल परिसर में साइबर जागरूकता अभियान में शामिल परिजनों ने पुलिस द्वारा दी गई जानकारी को उपयोगी बताया। लोगों ने कहा कि बदलते समय में डिजिटल लेन-देन बढ़ने के साथ साइबर अपराध का खतरा भी बढ़ा है। ऐसे में आम लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाना जरूरी है। पुलिस ने उपस्थित लोगों को स्वयं साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहने के साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी जागरूक करने के लिए प्रेरित किया।
सुरक्षा के साथ जागरूकता पर भी रहा जोर
रक्षाबंधन के अवसर पर केंद्रीय जेल में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने को देखते हुए दुर्ग पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। सुरक्षा व्यवस्था के साथ पुलिस ने इस अवसर को साइबर जागरूकता के लिए भी उपयोग किया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर शोभराज अग्रवाल, उप निरीक्षक संकल्प राय, साइबर टीम, थाना प्रभारी पद्मनाभपुर प्रमोद रुसिया, उप निरीक्षक चंद्रशेखर सोनी, प्रभारी अंजोरा सहित पुलिस स्टाफ ने अभियान में सक्रिय सहभागिता की।
दुर्ग पुलिस ने की सतर्क रहने की अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक खाता, एटीएम, ओटीपी, पासवर्ड अथवा अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। फर्जी कॉल और संदिग्ध संदेशों से सावधान रहें तथा अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें। किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी होने पर बिना देरी किए पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा सके।
Link : https://shricgnewscreator.com/4000-family-members-arrived-at-the-central-jail-to-tie-rakhis-durg-police-conducted-a-cyber-awareness-campaign/













