रक्षाबंधन 28 अगस्त को, सुबह 9:48 बजे तक रहेगा राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

Editor
By Editor 5 Min Read

शतभिषा नक्षत्र और सौम्य योग में मनेगा भाई-बहन के प्रेम का पर्व, भद्रा का नहीं रहेगा साया; राहुकाल में राखी बांधने से बचने की सलाह

रायपुर, भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और स्नेह का पर्व रक्षाबंधन इस वर्ष 28 अगस्त को मनाया जाएगा। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी आयु, सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करेंगी। वहीं भाई बहनों की रक्षा और हर परिस्थिति में उनका साथ देने का संकल्प लेते हुए उन्हें उपहार देंगे।

ज्योतिषाचार्य डा. दत्तात्रेय होस्केरे के अनुसार इस वर्ष पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त को सुबह 9:08 बजे प्रारंभ होगी और 28 अगस्त को सुबह 9:48 बजे समाप्त होगी। ऐसे में 28 अगस्त की सुबह राखी बांधना विशेष शुभ माना जा रहा है। इस बार रक्षाबंधन पर शतभिषा नक्षत्र और सौम्य योग का संयोग बन रहा है, जिसे ज्योतिष की दृष्टि से शुभ माना गया है। इसके अलावा गोचर में बृहस्पति के उच्च स्थिति में होने तथा सूर्य के स्वग्रही होकर बुधादित्य योग बनाने से भी पर्व का महत्व बढ़ गया है।

28 अगस्त, सुबह 5:57 से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय

रक्षाबंधन के दिन बहनों के लिए राखी बांधने का शुभ समय सुबह 5:57 बजे से सुबह 9:48 बजे तक रहेगा। ज्योतिषाचार्य के अनुसार सुबह के समय राखी बांधना विशेष फलदायी रहेगा। हालांकि दिन में अन्य शुभ लग्नों में भी राखी बांधी जा सकती है।

पूर्णिमा तिथि आरंभ: 27 अगस्त, सुबह 9:08 बजे
पूर्णिमा तिथि समाप्त: 28 अगस्त, सुबह 9:48 बजे
राखी बांधने का शुभ समय: 28 अगस्त, सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक

इन शुभ लग्नों में भी बांध सकेंगे राखी

रक्षाबंधन के दिन अलग-अलग लग्नों के अनुसार भी शुभ समय बताए गए हैं। प्रातःकाल सिंह लग्न में सुबह 7:13 बजे तक राखी बांधना शुभ रहेगा। इसके बाद वृश्चिक लग्न में सुबह 11:35 बजे से दोपहर 1:50 बजे तक तथा शाम को कुंभ लग्न में शाम 5:43 बजे से 7:18 बजे तक राखी बांधी जा सकती है।

  • प्रातःकाल: सिंह लग्न, सुबह 7:13 बजे तक
  • मध्याह्न: वृश्चिक लग्न, सुबह 11:35 बजे से दोपहर 1:50 बजे तक
  • सायंकाल: कुंभ लग्न, शाम 5:43 बजे से 7:18 बजे तक

राहुकाल में राखी बांधने से बचें

रक्षाबंधन के दिन राहुकाल सुबह 10:46 बजे से दोपहर 12:22 बजे तक रहेगा। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार राहुकाल में शुभ कार्य करने से बचना चाहिए। इसलिए इस अवधि में राखी बांधने से परहेज करने की सलाह दी गई है।

इस वर्ष रक्षाबंधन पर भद्रा का साया नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को भद्राकाल के कारण राखी बांधने को लेकर किसी विशेष परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

पूर्व दिशा की ओर मुख करके बांधें राखी

राखी बांधते समय भाई को पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठाने की परंपरा बताई गई है। बहन को पश्चिम दिशा की ओर मुख करके बैठना चाहिए। इसके बाद स्वयं और भाई पर थोड़ा जल छिड़ककर शुद्धिकरण किया जा सकता है।

सबसे पहले भाई के माथे पर रोली और अक्षत से तिलक लगाएं। इसके बाद उसकी कलाई पर राखी बांधें और आरती उतारकर मिठाई खिलाएं। भाई भी बहन को अपनी सामर्थ्य के अनुसार उपहार देकर उसकी रक्षा का संकल्प ले।

राशि के अनुसार राखी और तिलक

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार भाई की राशि के अनुरूप राखी के रंग और तिलक का प्रयोग भी किया जा सकता है।

मेष: नारंगी धागे की राखी और सिंदूर का तिलक।
वृषभ: सफेद चमकीले धागे की राखी और चमकीला तिलक।
मिथुन: हरे-नारंगी धागे की राखी और चमेली की सुगंध वाला तिलक।
कर्क: सफेद, चांदी युक्त धागे की राखी और चंद्राकार लाल तिलक।
सिंह: लाल-गुलाबी धागे की राखी और गुलाबजल युक्त लाल तिलक।
कन्या: हरे-नीले धागे की राखी और चावल-हल्दी का मिश्रित टीका।
तुला: चमकीले हरे-पीले धागे की राखी और चांदी के अर्क वाला लाल टीका।
वृश्चिक: लाल-पीले धागे की राखी और शहद युक्त लाल तिलक।
धनु: पीली राखी तथा केसर युक्त पीला और हल्दी-चावल का तिलक।
मकर: नीले धागे की राखी और रोली का तिलक।
कुंभ: नीले-हरे, मोरपंख युक्त धागे की राखी और घी-चावल का टीका।
मीन: पीले धागे की राखी और चंदन-कुमकुम का तिलक।

रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि भाई-बहन के बीच प्रेम, विश्वास और पारिवारिक रिश्तों को मजबूत करने का अवसर भी है। शुभ मुहूर्त में राखी बांधकर बहनें भाई की सुख-समृद्धि की कामना करेंगी और भाई बहन की हर परिस्थिति में रक्षा का संकल्प दोहराएंगे।

Link : https://shricgnewscreator.com/raksha-bandhan-is-on-august-28-the-auspicious-time-for-tying-the-rakhi-lasts-until-948-am/

Share This Article