कमीशन के लालच में साइबर अपराधियों को देते थे म्यूल अकाउंट, मोबाइल, एटीएम कार्ड और बैंक दस्तावेज जब्त
भिलाई, दुर्ग पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले संगठित म्यूल अकाउंट गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना छावनी पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों के विश्लेषण और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए कुल 23 लोगों को हिरासत में लिया। इनमें से 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि आठ लोगों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 35(1) के तहत नोटिस देकर छोड़ा गया।
पुलिस के अनुसार आरोपित कमीशन के लालच में अपने और अन्य लोगों के बैंक खाते साइबर एवं आर्थिक अपराधियों को उपलब्ध कराते थे। इन खातों के माध्यम से साइबर ठगी से प्राप्त रकम का लेनदेन और उसे अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किया जाता था। मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है।
तकनीकी जांच में खुला संगठित नेटवर्क का राज
थाना छावनी में अपराध क्रमांक 312/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(2), 318(3) एवं 318(4) के अंतर्गत दर्ज प्रकरण की विवेचना के दौरान पुलिस को कई बैंक खातों में संदिग्ध लेनदेन के सुराग मिले। बैंक खातों के विश्लेषण, मोबाइल डेटा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यह सामने आया कि आरोपी साइबर अपराधियों के लिए म्यूल अकाउंट का काम कर रहे थे।
जांच में पता चला कि आरोपी अपने बैंक खाते कमीशन लेकर उपलब्ध कराते थे, जिससे साइबर ठगी की रकम को विभिन्न खातों में स्थानांतरित कर उसके स्रोत को छिपाया जा सके। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
मोबाइल, एटीएम कार्ड और बैंक दस्तावेज जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 11 मोबाइल फोन, तीन एटीएम कार्ड, तीन बैंक पासबुक, तीन आधार कार्ड, तीन चेकबुक सहित बैंकिंग और इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज जब्त किए हैं। इन सामग्रियों की फॉरेंसिक और तकनीकी जांच कर साइबर नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
कमीशन के लालच में बने साइबर अपराधियों के सहयोगी
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि वे कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे। इन खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी से प्राप्त रकम को इधर-उधर भेजने और उसकी पहचान छिपाने के लिए किया जाता था। पुलिस का मानना है कि यह नेटवर्क कई राज्यों में सक्रिय साइबर ठगी गिरोहों से जुड़ा हो सकता है।
आठ लोगों को नोटिस देकर छोड़ा गया
प्रकरण में आठ व्यक्तियों को पूछताछ के बाद भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 35(1) के तहत नोटिस जारी कर छोड़ा गया है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान आवश्यकता पड़ने पर उन्हें दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति को लालच या कमीशन के बदले अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक, मोबाइल सिम या अन्य बैंकिंग दस्तावेज उपलब्ध न कराएं। ऐसे खातों का उपयोग साइबर अपराधों में होने पर खाताधारक भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं। किसी भी संदिग्ध साइबर गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को देने की अपील की गई है।






