करीब 13 साल बाद शनिवार को पड़ी शनि जयंती, सेक्टर-6 शनिधाम में 108 दीपों की महाआरती और भजन संध्या का आयोजन
भिलाई, न्याय के देवता और सूर्यपुत्र भगवान शनिदेव की जयंती पर शनिवार को भिलाई शहर भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया। करीब 13 वर्षों बाद शनिवार के दिन पड़ रही शनि जयंती को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही शहर के विभिन्न शनि मंदिरों में पूजा-अर्चना, तेल अभिषेक और दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। श्रद्धालुओं ने भगवान शनिदेव को सरसों का तेल अर्पित कर परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और संकटों से मुक्ति की कामना की।

भिलाई के सेक्टर-6 स्थित प्रसिद्ध शनिधाम मंदिर में शनि जयंती को लेकर विशेष सजावट की गई। मंदिर परिसर को फूलों और आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया गया है। यहां सुबह से ही विशेष पूजन और अभिषेक का सिलसिला लगातार जारी रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु परिवार सहित मंदिर पहुंचे और विधि-विधान से पूजा कर भगवान शनिदेव का आशीर्वाद लिया।
मंदिर समिति के सदस्य कमलेश दुबे ने बताया कि भगवान शनिदेव न्याय के देवता हैं और धर्म के मार्ग पर चलने वालों का सदैव कल्याण करते हैं। उन्होंने कहा कि लोगों के मन में यह धारणा बनी हुई है कि शनिदेव केवल दंड देते हैं, जबकि सच्चाई यह है कि शनिदेव प्रसन्न होने पर भक्तों के जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता भी प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि शनि जयंती के दिन यदि कोई व्यक्ति विशेष पूजा नहीं कर सकता तो केवल एक फूल अर्पित कर और एक रुपए का दान देकर भी भगवान शनिदेव की कृपा प्राप्त कर सकता है।
शनिधाम मंदिर में दिनभर भंडारे का आयोजन भी किया गया, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। वहीं शाम के समय 108 दीपों से भगवान शनिदेव की विशेष महाआरती की जाएगी, जिसे लेकर भक्तों में खास उत्साह बना हुआ है। इसके अलावा मंदिर परिसर में भजन संध्या का आयोजन भी रखा गया है, जिसमें भजन मंडलियों द्वारा भक्तिमय प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
शहर के अन्य शनि मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा कर शनिदेव से जीवन में सुख, शांति और न्याय की प्रार्थना की। शनि जयंती के अवसर पर पूरा शहर श्रद्धा और भक्ति के रंग में रंगा नजर आया।



