भिलाई, भिलाई-3 की माटी से निकला एक और होनहार युवा अब प्रशासनिक सेवा में अपनी नई पहचान बनाने जा रहा है। प्रतिभाशाली स्वप्निल वर्मा को चिरमिरी जिले में डिप्टी कलेक्टर के रूप में पहली पदस्थापना मिली है। 13 मई स्वप्निल वर्मा ने पदभार संभाल लिया। जैसे ही यह खबर सामने आई, भिलाई-3, मोरिद और पूरे दुर्ग जिले में खुशी और गर्व का माहौल बन गया।
उल्लेखनीय है कि स्वप्निल ने अपनी मेहनत, अनुशासन और अटूट आत्मविश्वास के दम पर पीएससी परीक्षा में प्रदेश स्तर पर दूसरा स्थान हासिल कर इतिहास रचा था। उन्होंने 769.5 अंक अर्जित कर यह साबित कर दिया कि सच्ची लगन और निरंतर प्रयास से कोई भी लक्ष्य दूर नहीं होता। खास बात यह रही कि यह सफलता उन्हें तीसरे प्रयास में मिली, जिसने उनकी संघर्षशीलता और धैर्य को और भी प्रेरणादायक बना दिया।

कैबिनेट मंत्री ओपी चौधरी के मार्गदर्शन में रायपुर के नालंदा परिसर से स्वप्निल ने पीएससी की तैयारी की थी। उनकी सफलता पर स्वयं ओपी चौधरी ने सोशल मीडिया पर खुशी जाहिर करते हुए उन्हें प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा बताया था।

स्वप्निल के पिता तीजेंद्र वर्मा निजी उद्योग में अधिकारी हैं, जबकि माता अर्चना वर्मा गृहिणी हैं। वर्तमान में परिवार रायपुर के दीनदयाल उपाध्याय नगर, डंगनिया में निवासरत है। मूलतः भिलाई-3 के निवासी स्वप्निल को उनके चाचा वरिष्ठ अधिवक्ता एलबी वर्मा और छोटे चाचा नरेंद्र वर्मा का निरंतर मार्गदर्शन मिलता रहा। परिवारजनों के अनुसार स्वप्निल का सपना बचपन से ही प्रशासनिक सेवा में जाकर समाज और लोगों के लिए काम करना था।
वरिष्ठ अधिवक्ता एलबी वर्मा ने भावुक होकर कहा कि स्वप्निल ने केवल परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र और प्रदेश का नाम रोशन किया है। अब वह डिप्टी कलेक्टर के रूप में जनसेवा के संकल्प के साथ नई जिम्मेदारी निभाने को तैयार हैं।

पदभार ग्रहण करने से पहले स्वप्निल ने अपने परिजनों से आशीर्वाद लिया। साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आत्मीय मुलाकात कर उनका आशीर्वाद भी प्राप्त किया।

स्वप्निल वर्मा की यह सफलता आज उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस रखते हैं।



