पावर हाउस रेलवे स्टेशन परिसर में स्थापित कलाकृतियां बनीं आकर्षण का केंद्र, छात्रों ने रेलवे कलाकार अशोक देवांगन के मार्गदर्शन में दिया आकार
भिलाई, पावर हाउस रेलवे स्टेशन परिसर में स्थापित 15 फीट ऊंची गिटार की दो विशाल प्रतिकृतियां इन दिनों लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई हैं। इन कलाकृतियों का निर्माण भिलाई औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) के छात्रों ने रेलवे के प्रसिद्ध स्क्रैप कलाकार अशोक देवांगन के मार्गदर्शन में किया है। विशेष बात यह है कि इन गिटार प्रतिकृतियों को वर्षों से अनुपयोगी पड़े लोहे के स्क्रैप से तैयार किया गया है।
जानकारी के अनुसार, लगभग एक माह तक चले इस प्रोजेक्ट में आईटीआई के दो अलग-अलग बैचों के विद्यार्थियों ने मिलकर मेहनत की और बेकार समझे जाने वाले स्क्रैप को आकर्षक कलाकृति का रूप दिया। स्टेशन परिसर में स्थापित इन प्रतिकृतियों को देखने के लिए राहगीर और यात्री रुककर फोटो खिंचवा रहे हैं।
भिलाई आईटीआई के प्राचार्य तुषारकांत सतपुते ने बताया कि संस्थान का उद्देश्य स्क्रैप सामग्री का रचनात्मक उपयोग कर छात्रों को नवाचार, तकनीकी दक्षता और व्यावहारिक प्रशिक्षण से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियों से विद्यार्थियों में सृजनात्मक सोच विकसित होती है तथा उन्हें नई तकनीकों को सीखने का अवसर मिलता है।
रेलवे कलाकार अशोक देवांगन देशभर में स्क्रैप से कलाकृतियां तैयार करने के लिए प्रसिद्ध हैं। उनकी बनाई कलाकृतियां भारत के विभिन्न रेलवे कारखानों एवं कार्यालयों में स्थापित की जा चुकी हैं। इनमें इंडिया गेट, गेटवे ऑफ इंडिया, कुतुबमीनार, ताजमहल, शहीद स्मारक सहित भगवान गणेश, मां दुर्गा और भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमाएं प्रमुख हैं। उनकी रचनात्मक उपलब्धियों को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड तथा लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी स्थान मिल चुका है।
इस परियोजना को सफल बनाने में आईटीआई के प्रशिक्षक पंकज बेलचंदन एवं रुहमा खैर का विशेष योगदान रहा। संस्थान की इस पहल को शिक्षा, कौशल विकास और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास माना जा रहा है।


