तबलीग़ जमात के ‘अमीर’ को आखिरी विदाई देने छत्तीसगढ़ से हजारों की तादाद में पहुंचे अकीतदमंद

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भिलाई, छत्तीसगढ़ और नागपुर विदर्भ क्षेत्र में तबलीग़ जमात के ‘अमीर’ हाजी मोहम्मद असलम का शनिवार 2 मई को तड़के दो बजे इंतकाल हो गया। हाजी असलम कई दिनों से बीमार चल रहे थे। खुर्सीपार निवासी सैय्यद असलम ने बताया कि मरहूम हाजी मोहम्मद असलम के जनाजे की नमाज़ यंग मुस्लिम फुटबॉल ग्राउंड मोमिनपुरा नागपुर में उनके बेटे मौलाना अब्दुल्ला ने पढ़ाई।

नमाजे जनाजा मे निजामुद्दीन मरकज दिल्ली,  बरार, महाराष्ट्र, विदर्भ और छत्तीसगढ़ के उलेमा के साथ आम लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा। छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के मुस्लिम समाज के लोगों ने हजारों की तादाद में नागपुर पहुंच कर अपनी अकीदत का इजहार किया।

गौरतलब है कि तबलीग़ जमात में आध्यात्मिक स्तर पर संगठन प्रमुख ‘अमीर’ का पद मशविरा से तय होता है।  हाजी मोहम्मद असलम नागपुर के रहने वाले थे और तबलीग़ के काम को लेकर छत्तीसगढ़ बरार, महाराष्ट्र सहित देश विदेश में सक्रिय थे। उन्होंने बताया कि हाजी मोहम्मद असलम ने अल्लाह के दीन और हज़रत मोहम्मद सल्लु अलैहिस्सलाम की पाकीजा जिंदगी को अपनाने लोगों की सच्ची रहनुमाई की।  समाज के लिए उनका दुनिया से जाना एक रहनुमा एक सच्चा दाई (प्रेरक व्यक्तित्व) और बुर्जुग शख्सियत का चला जाना है।

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