तिहरे हत्याकांड में दोषी को फांसी की सजा, अदालत ने बताया ‘दुर्लभतम’ अपराध

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भिलाई, वर्ष 2020 में भिलाई के तालपुरी क्षेत्र में हुए सनसनीखेज तिहरे हत्याकांड में न्यायालय ने अहम फैसला सुनाते हुए आरोपी रवि शर्मा को मौत की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश यशवंत कुमार सारथी की अदालत ने मामले को ‘दुर्लभतम श्रेणी’ का मानते हुए यह दंड सुनाया। प्रकरण में शासकीय पक्ष की ओर से अधिवक्ता भावेश कटरे ने प्रभावी पैरवी की।

यह घटना 21 जनवरी 2020 की सुबह तालपुरी स्थित पारिजात कॉलोनी की है। मंजू शर्मा के मोबाइल से सुबह करीब 5:35 बजे उनकी मां को फोन कर घर में आग लगने की सूचना दी गई थी। जब परिजन मौके पर पहुंचे, तो घर बाहर से बंद था और अंदर धुआं भरा हुआ था। दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश करने पर मंजू शर्मा का अधजला शव बिस्तर पर मिला, जिसके हाथ-पैर और मुंह टेप से बंधे थे। पास ही डेढ़ माह की मासूम बच्ची और एक अज्ञात युवक का जला हुआ शव भी मिला।

शुरुआत में मामले को भटकाने के लिए दीवार पर चाक से प्रेम प्रसंग से जुड़ा संदेश लिखा गया था, लेकिन पुलिस जांच में सच्चाई सामने आ गई। सीसीटीवी फुटेज में आरोपी एक युवक को घर लाते और बाद में अकेले निकलते दिखा। कॉल डिटेल्स के आधार पर उसकी लोकेशन रायपुर रेलवे स्टेशन पर मिली, जिसके बाद उसे ओडिशा के राउरकेला स्टेशन से गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने खुद को मृत दिखाने की साजिश के तहत एक मानसिक रूप से कमजोर युवक की हत्या की, फिर पत्नी मंजू और नवजात बच्ची को भी मार डाला। इसके बाद सबूत मिटाने के लिए घर में आग लगाने की कोशिश की, जो पूरी तरह सफल नहीं हो सकी।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त हथियार और अन्य साक्ष्य बरामद किए। सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने अपराध को सुनियोजित, क्रूर और जघन्य मानते हुए दोषी को फांसी की सजा सुनाई।

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