भीषण गर्मी में सेवा का संकल्प: अक्ती पर स्व. सुरुज बाई साहू की स्मृति में हजारों राहगीरों को शरबत वितरण
भिलाई। अक्ती (अक्षय तृतीया) के पावन अवसर पर स्व. श्रीमती सुरुज बाई साहू की स्मृति में एक सराहनीय सेवा कार्य का आयोजन किया गया। सिरसा गेट चौक, भिलाई-3 स्थित ‘कर्मा प्याऊ’ से पूरे परिवार द्वारा भीषण गर्मी के बीच हजारों राहगीरों को शीतल शरबत और पानी पिलाकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान बेटा, बेटी, बहू, दामाद, नाती-नातिन, पोता-पोती और भतीजों सहित पूरा परिवार सेवा कार्य में जुटा रहा।
अक्ती पर सेवा का अनूठा उदाहरण
अक्षय तृतीया जैसे शुभ दिन पर जहां लोग धार्मिक अनुष्ठान करते हैं, वहीं साहू परिवार ने प्यासे राहगीरों की सेवा को ही सबसे बड़ा पुण्य मानते हुए शरबत वितरण किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोगों ने रुककर शीतल पेय ग्रहण किया और परिवार की इस पहल की सराहना की।

6 वर्षों से लगातार चल रही है प्याऊ सेवा
परिवार के सदस्य बेनू राम साहू ने बताया कि वे पिछले 6 वर्षों से लगातार गर्मी के मौसम में अपने ‘कर्मा प्याऊ’ के माध्यम से ठंडा पानी पिलाने का कार्य कर रहे हैं।
हर दिन वे लगभग 30 मटके पानी घर से भरकर लाते हैं, ताकि राहगीरों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।
व्यस्त स्थल पर सेवा, हर मिनट गुजरते हैं यात्री
सिरसा गेट चौक एक अत्यंत व्यस्त मार्ग है, जहां से दुर्ग से रायपुर के लिए लगभग हर मिनट बसों का आवागमन होता है। ऐसे में यहां प्याऊ संचालित करना और लगातार सेवा देना आसान नहीं है, फिर भी परिवार पूरी निष्ठा से यह कार्य कर रहा है।

सेवा में मिलता है सुकून और आत्मिक शांति
बेनू राम साहू का कहना है कि प्यासे व्यक्ति को पानी पिलाकर जो संतोष और आत्मिक शांति मिलती है, वह किसी और चीज में नहीं मिलती।
तेज धूप और मेहनत के बावजूद जब कोई राहगीर तृप्त होकर धन्यवाद देता है, तो सारी थकान दूर हो जाती है और मन आनंदित हो उठता है।

आस्था और प्रेरणा से जुड़ी सेवा
उन्होंने बताया कि इस सेवा कार्य के पीछे मां गंगा मैया, अन्नपूर्णा माता और समाज के लोगों का आशीर्वाद है।
रेलवे में रनिंग ड्यूटी जैसे व्यस्त कार्य के बावजूद इस प्रकार सेवा कर पाना, वे ईश्वर की विशेष कृपा और प्रेरणा मानते हैं।
तीसरी बार शरबत वितरण का मिला अवसर
इस वर्ष गर्मी के मौसम में यह तीसरी बार शरबत वितरण का आयोजन किया गया, जिसे परिवार ने सौभाग्य माना।
पूरे समर्पण के साथ यह सेवा आगे भी जारी रखने का संकल्प लिया गया है।

संदेश: सेवा ही सबसे बड़ा धर्म
इस पहल ने यह साबित किया है कि समाज में छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव ला सकते हैं।
भीषण गर्मी में प्यासों को पानी पिलाना न केवल मानवता का कार्य है, बल्कि यह सबसे बड़ा पुण्य भी है।


