दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की बड़ी उपलब्धि: 143 नए लोको, सौर ऊर्जा और एआई ड्रोन से संचालन को मिली रफ्तार

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हरित ऊर्जा, तकनीकी नवाचार और मजबूत अवसंरचना के साथ रेलवे ने बनाया प्रगति का नया कीर्तिमान

ऊर्जा, नवाचार और हरित पहल से सशक्त दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे

143 नए लोको, 2,263 किलोवाट सौर ऊर्जा और एआई ड्रोन के साथ रची प्रगति की नई गाथा

वर्ष 2025-26 में 143 नए विद्युत लोकोमोटिव का सफल कमीशनिंग किया गया
74 इलेक्ट्रिक लोको शेड/भिलाई
69 इलेक्ट्रिक लोको शेड/बिलासपुर

रायपुर/बिलासपुर 09 अप्रैल 2026 दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, जो देश के माल परिवहन की धूरी के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है, निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। इस सशक्त व्यवस्था को ऊर्जा प्रदान करने में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के विद्युत विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। वित्तीय वर्ष 2025–26 के दौरान विभाग ने रिकॉर्ड उपलब्धियाँ हासिल करते हुए हरित ऊर्जा, अत्याधुनिक तकनीक और परिचालन दक्षता के क्षेत्र में नए मानक स्थापित किए हैं, जिससे दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की कार्यक्षमता और विश्वसनीयता और अधिक सुदृढ़ हुई है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 की प्रमुख उपलब्धि के रूप में 143 नए विद्युत लोकोमोटिव का सफल कमीशनिंग किया गया, जिनमें 74 इलेक्ट्रिक लोको शेड/भिलाई तथा 69 इलेक्ट्रिक लोको शेड/बिलासपुर में शामिल हैं। यह एक वित्तीय वर्ष में अब तक की सर्वाधिक उपलब्धि है। इसके साथ ही कुल लोकोमोटिव बेड़े की संख्या 721 से बढ़कर 805 हो गई, जो 11.65% की उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाती है। मालगाड़ियों के लिए औसत मासिक लोको उपलब्धता 665.02 रही, जो रेलवे बोर्ड के निर्धारित लक्ष्य 651 से अधिक है। हरित ऊर्जा को बढ़ावा देते हुए प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत 2,263.625 किलोवाट पीक क्षमता के सौर संयंत्र की स्थापना कर चालू किए गए, जिससे रेलवे परिसंपत्तियों को स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराई जा रही है तथा कार्बन उत्सर्जन में कमी लाई जा रही है। तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में रायपुर मंडल ने भारतीय रेल में पहली बार एआई-सक्षम ड्रोन के माध्यम से ओवरहेड उपकरण (ओएचई) की निगरानी शुरू की है। यह अत्याधुनिक प्रणाली हाई वोल्टेज तारों का सुरक्षित एवं सटीक निरीक्षण कर संभावित खामियों की पहचान करती है, जिससे कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।

विद्युत अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण हेतु 211.45 ट्रैक किलोमीटर निक्को संपर्क तार एवं 173.44 ट्रैक किलोमीटर एल्युमिनियम कैटेनरी तार का प्रतिस्थापन किया गया। इसके अतिरिक्त सिग्नलिंग प्रणाली की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए 44 नए ऑटो-ट्रांसफॉर्मर भी स्थापित किए गए। पर्यावरणीय प्रतिबद्धता के तहत पीपी यार्ड तथा कैरिज एंड वैगन डिपो एक्सचेंज यार्ड/ भिलाई तथा कैरिज एंड वैगन डिपो डब्ल्यूआरसी/बीएमवाई को ISO 14001:2015 पर्यावरण प्रबंधन प्रणाली प्रमाणन प्राप्त हुआ है, जो विभाग की गुणवत्ता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। बेहतर लोकोमोटिव क्षमता, हरित ऊर्जा और स्मार्ट तकनीकों के समन्वय के साथ दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का विद्युत विभाग भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप रेलवे संचालन को नई ऊर्जा और गति प्रदान कर रहा है।

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