जनगणना कार्य को लेकर कलेक्टर ने दिए दिशा-निर्देश
दुर्ग, कलेक्टर अभिजीत सिंह ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में जनगणना और बायोमेट्रिक अपडेट कार्य को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनगणना कार्य में लगे प्रगणक और पर्यवेक्षकों को समय पर प्रशिक्षण देना अनिवार्य है। इसके लिए इंचार्ज अधिकारियों को उपयुक्त भवनों का चयन कर प्रशिक्षण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिन अधिकारियों और कर्मचारियों को जनगणना कार्य में लगाया गया है, उनका अवकाश केवल विशेष परिस्थितियों में ही अनुमोदित किया जाएगा। जनगणना दो चरणों में आयोजित होगी। पहला चरण 1 मई से 30 मई 2026 तक मकान सूचीकरण एवं गणना का होगा, जबकि दूसरा चरण फरवरी 2027 में परिवारों की व्यक्तिगत जानकारी एकत्र करने के लिए किया जाएगा।
बैठक में ग्राम पंचायतों के राजस्व संबंधी कार्यों की भी समीक्षा की गई। अविवादित नामांतरण, बंटवारा और पंजीयन प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए। सभी पंचायतों में पंजीयन कार्य प्रारंभ है, लेकिन जहां कार्य शुरू नहीं हुआ, वहां के सचिवों का वेतन रोकने का निर्देश भी दिया गया। प्रकरण दर्ज पंचायतों में संबंधित एसडीएम से नियमित समीक्षा कर त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने को कहा गया।
कलेक्टर ने जिले में स्कूलों में बायोमेट्रिक अपडेट कार्य की समीक्षा की। कई स्कूलों में परीक्षाओं के कारण विद्यार्थियों की उपस्थिति कम है। इस स्थिति को देखते हुए शिक्षा विभाग को निर्देश दिए गए कि स्कूल प्राचार्यों के साथ समन्वय कर निःशुल्क बायोमेट्रिक अपडेट कार्य शीघ्र पूर्ण कराया जाए।
बैठक में एडीएम, अपर कलेक्टर, नगर निगम भिलाई और दुर्ग के आयुक्त, संयुक्त कलेक्टर, सभी एसडीएम एवं जनपद सीईओ तथा समस्त विभाग के जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।
यह पहल न केवल जनगणना की सटीकता सुनिश्चित करेगी, बल्कि विद्यार्थियों के बायोमेट्रिक रिकॉर्ड को भी समय पर अपडेट करने में सहायक होगी।


