ग़ज़ल गो शायर, मंच संचालक
(सद्य : अवकाशप्राप्त डी एस पी, झारखंड सरकार)
भिलाई, कामेश्वर कुमार एक उत्कृष्ट ग़ज़ल गो शायर और सशक्त मंच संचालक के रूप में साहित्य जगत में अपनी अलग पहचान रखते हैं।
आपकी रचनाओं में प्रेम, मानवता और देशभक्ति की गहरी भावना झलकती है।
प्रशासनिक सेवा में रहते हुए भी आपने साहित्य साधना को निरंतर आगे बढ़ाया।
कोरोना काल में आपकी जागरूकता ग़ज़लें समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनीं।
आपको प्राप्त अनेक राष्ट्रीय व साहित्यिक सम्मान आपके प्रतिभा के प्रमाण हैं।
आपकी लेखनी ने हजारों दिलों को छूने का कार्य किया है।
साहित्य के प्रति आपका समर्पण नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है।
ईश्वर से प्रार्थना है कि आप स्वस्थ, दीर्घायु और सृजनशील बने रहें।
आपका जीवन यूँ ही शब्दों की खुशबू से महकता रहे — जन्मदिन की हार्दिक बधाई।
संक्षिप्त काव्य-परिचय :
नाम : कामेश्वर कुमार “कामेश”
ग़ज़ल गो शायर, मंच संचालक
(सद्य : अवकाशप्राप्त डी एस पी, झारखंड सरकार,)
पता :- Flat – A1-202, Symphony Aptt, near Sahajanand Chowk, Harmu, Ranchi, PIN 834002, रांची, झारखंड
मोबाइल – 9955285578
इमेल-kameshwarksingh10@gmail.com
फेसबुक ID – kameshwar ksingh
शैक्षणिक योग्यता:
स्नातकोत्तर “राजनीति विज्ञान”
शौक :
प्रशासनिक वरीय पदाधिकारी रहते हुए शायरी एवं ग़ज़ल , तहत एवं तरन्नुम में पेश करने के शौक ने शायर बना दिया।
अवैतनिक पद :
देश में अनेक साहित्यिक संस्थान के संरक्षक, अध्यक्ष, संयोजक, महासचिव एवं कार्यकारिणी के सदस्य के रूप में प्रतिष्ठित।
विधा :
(1) गीत, ग़ज़ल एवं हास्य व्यंग की रचनाएं।
(2) हजारों गीत, ग़ज़लों का सृजन।
(3) कोरोना काल में प्रत्येक दिन एक ग़ज़ल लेखन, कुल 32 रचनाओं का सृजन एवं सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर हिंदी – भोजपुरी भाषा में, सस्वर गायन कर कोरोना जागरूकता अभियान चलाया।
सम्मान :
(1)मुझे “राष्ट्रीय कोरोना फाईटर्स सम्मान”, का “लाईफटाईम एचीवमेंट अवार्ड”, झारखंड विधानसभा अतिथि सभागार, धुर्वा, रांची में दिनांक 04-10-21 को आयोजित ” राष्ट्रीय सम्मान 2021″ स्थानीय विधायक सी पी सिंह के हाथों प्राप्त हुआ।
(2) बिहार – हिंदी – साहित्य – सम्मेलन, कदमकुंआ, पटना – 3, द्वारा “हिंदी दिवस समारोह 2022 के लिए चयन और ” साहित्य सम्मेलन हिंदी सेवी सम्मान ” से विभूषित।
(3) दिनांक 05-10-21 को विश्व किर्तिमानप्राप्त पटल ” द मैजिक मैन एन चंद्रा ” के बैनर तले आयोजित ” कविता महायज्ञ ” का हिस्सा बनकर ” WORLD BOOK OF RECORDS, LONDON ” द्वारा ” काव्य सारथी सम्मान” से विभूषित।
(4) दिनांक 12-11 – 22 को ” कमल – कुसुम साहित्यिक भक्ति मंच” द्वारा “निराला – उपाधि” से अलंकृत।
(5) दिनांक 12-06-22 को भारत सरकार द्वारा पंजीकृत साहित्यिक संस्था “राब्ता पोएट्री” द्वारा ” शान-ए-ग़ज़ल ” सम्मान से विभूषित।
(6) साहित्यिक संस्था “संस्था एक प्रयास, भारत” द्वारा वर्ष 2022 का ” साहित्य काव्य रत्न ” सम्मान से सम्मानित।
(7) दिनांक 10-09-21 को “मेरी कलम से” काव्य मंच, रीवा, द्वारा “विंध्य शब्द शिल्पी सम्मान” से विभूषित।
(8) दिनांक 28-05-22 को “वर्मा साहित्य प्रचार मंच, बुलंदशहर” द्वारा “श्रेष्ठ रचनाकार सम्मान” की मानद उपाधि से विभूषित।
(9) दिनांक 15-10-22 को “पद्मनाभ साहित्य परिषद्, हाजीपुर, बिहार, द्वारा “पद्मनाभ आजाद हिंद सम्मान-2022” से अलंकृत।
(10) दिनांक 21-11-22 को संस्था, “प्रभा श्री फाउंडेशन, (रजिस्टर्ड)” द्वारा ” प्रभा श्री अलंकरण ” से सम्मानित।
(11) दिनांक 29-08-22 को ” नये सुर साहित्य मंच ” द्वारा ” अमृत महोत्सव सम्मान ” से विभूषित।
(12) दिनांक 25-08-22 को राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में “अपना मंच” , दिल्ली द्वारा ” कवि भूषण ” की उपाधि से विभूषित।
(13) दिनांक 22-05-22 को उत्कृष्ट काव्य प्रस्तुति हेतु ” पद्मनाभ काव्य श्री सम्मान – 2022″ से अलंकृत।
(14) पीएमओ से कोरोना योद्धा के लिए नामित।
(15) अनेक साहित्यिक संस्थाओं द्वारा सैकङों सम्मान पत्र एवं प्रशस्ति पत्र।
पुस्तक :
(1) रूल और फूल ( ग़ज़ल संग्रह)
(2) जिंदगी @ लाॅकडाऊन ( साझा ग़ज़ल संग्रह) की तरह दर्जनों साझा ग़ज़ल संग्रह में ग़ज़लें।
(3) रेत में फूल (ग़ज़ल संग्रह) – जो प्रकाशनाधीन है।
प्रस्तुति :
(1) सैकड़ों साहित्यिक मंच से ग़ज़ल एवं गीत का सस्वर पाठ।
(2) अनेक अखिल भारतीय मुशायरों, कवि सम्मेलनों का आयोजन, संचालन तथा प्रस्तुति।
(3) विभिन्न जिलों के आकाशवाणी , दूरदर्शन, न्यूज चैनल आजतक, जी न्यूज, ई टीवी इत्यादि पर साक्षात्कार एवं प्रस्तुति
(4) सैकड़ों औनलाइन एकल काव्य पाठ, सैकङों औनलाइन मुशायरों, अखिल भारतीय कवि सम्मेलनों में शिरकत।
(4) कोरोना काल के दौरान गोड्डा जिला के सैकड़ों गांव में जागरूकता अभियान चलाने हेतु स्वरचित कोरोना गीतों का सस्वर पाठ।
ग़ज़ल
शाम-ओ-सहर ये गीत मैं, गाता ही रहा हूँ,
पैग़ाम मोहब्बत का ,सुनाता ही रहा हूँ,
अंज़ाम बुरे काम का , अच्छा नहीं होता,
ये बात हर किसी को , बताता ही रहा हूँ,
मिलते नहीं हैं मुझसे हक़ीक़त में जो कभी,
ख़्वाबों में उनके रोज मैं , आता ही रहा हूँ,
रिश्तों की कद्र आज तलक,जो न कर सके,
रिश्ता मैं उनके साथ, निभाता ही रहा हूँ,
मज़हब के नाम पर जो कि लड़ते हैं,मैं उन्हें,
इंसानियत का पाठ , पढ़ाता ही रहा हूँ,
मंदिर हो मसाजिद हों कि गिरजा, गुरुद्वारा,
सर अपना हर इक दर पे,झुकाता ही रहा हूँ,
देशभक्ति गीत
मेरा सलाम ले लो , मेरा सलाम ले लो,
दिल से देशभक्ति के, गीत गानेवालों,
हँसते – हँसते फांसी पे , झूल जाने वालों,
मेरा सलाम ले लो , मेरा सलाम ले लो,
अपनों को छोङ घर से,निकले हो तू मचलके,
सीने पे गोली खाये, रो कर के नहीं , हँसके,
रक्षा में इस वतन की,जी- जां लुटानेवालों,
मेरा सलाम ले लो , मेरा सलाम ले लो,
मौसम की मार सहते, पर आह तक न भरते,
अपने लिए किसी से फ़रियाद तक न करते,
बरसात हो या ठंढ़क, ऐ देश के रखवालों,
मेरा सलाम ले लो, मेरा सलाम ले लो,
चौड़ा तुम्हारा सीना, ऊँचा तुम्हारा मस्तक,
सरहद के पार जब भी,पँहुचे तो बनके आफ़त,
दुश्मन के हर ठिकाने को, पल में उड़ाने वालों,
मेरा सलाम ले लो , मेरा सलाम ले लो,
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मंच संचालक
श्री सुर संगम काव्य गंग धारा – प्रत्येक शुक्रवार (05:30से 06:30)
राष्ट्रीय काव्य रसिक मंच – प्रत्येक शनिवार(04:00से 05:00बजे तक)
ज़श्न ए अफरोज – प्रत्येक रविवार (08:15से 09:30)
प्रणय साहित्यिक दर्पण – प्रत्येक सोमवार (06:00से 07:30)
साहित्य दरबार, देहरादून – प्रत्येक मंगलवार(08:30से 10:00)
अंतर्राष्ट्रीय प्रतिभा साहित्य मंच – प्रत्येक बुधवार (5:30से 07:00)
कविता प्रभा राष्ट्रीय कविता समूह – प्रत्येक बुधवार(07:00से 08:30)
माँ शारदे काव्य मंच – प्रत्येक गुरूवार (05:00से 06:30)
शायर ग़़ज़लकार। कामेश्वर कुमार कामेश,
रांची झारखंड
मोबाईल नंबर 9955285578


