10 वर्षों से कायम सफलता की परंपरा, ढौर स्कूल के 3 छात्र नवोदय में चयनित

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संघर्ष, समर्पण और मेहनत ने रचा इतिहास, 11 छात्र 80+ अंक लाकर पहुंचे चयन के करीब

भिलाई, दुर्ग विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला ढौर में शिक्षा और समर्पण की मिसाल एक बार फिर सामने आई है। पिछले 10 वर्षों से लगातार नवोदय विद्यालय में छात्रों के चयन की परंपरा इस वर्ष भी कायम रही। सत्र 2025-26 में स्कूल के 3 विद्यार्थियों का चयन जवाहर नवोदय विद्यालय के लिए हुआ है, जिससे पूरे गांव और शाला परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई है।

विशेष कोचिंग से मिली सफलता की राह:

शाला में नवोदय प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए वर्ष 2015 में शिक्षक रिखीराम पारकर द्वारा विशेष कोचिंग की शुरुआत की गई थी। उनके पदोन्नति के बाद भी शिक्षकों ने इस पहल को जारी रखा। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए शिक्षक चेलेन्द्र साहू और शिक्षिका प्रमिला भतपहरी ने बच्चों को निरंतर मार्गदर्शन दिया।

बीमारी और पारिवारिक संकट के बीच भी नहीं टूटा हौसला:

शिक्षक चेलेन्द्र साहू की संघर्ष गाथा इस सफलता के पीछे सबसे बड़ी प्रेरणा है। वे सिकलिंग जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं और रोजाना शारीरिक तकलीफ के बावजूद दवाइयों के सहारे अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।

इसी दौरान उनके पिता की तबीयत भी गंभीर रही और दो महीने तक अस्पताल में भर्ती रहे। पिता के निधन जैसे कठिन समय में भी उन्होंने हार नहीं मानी और शिक्षक व पुत्र दोनों की जिम्मेदारी निभाते हुए बच्चों को नवोदय की तैयारी कराते रहे।

उनके इसी समर्पण और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिणाम है कि इस वर्ष 3 बच्चों का चयन नवोदय विद्यालय में हुआ।

3 छात्रों का चयन, 11 पहुंचे चयन के करीब:

इस वर्ष चयनित छात्र हैं:

  • विधी बंजारे
  • दीपेश कुमार मनहर
  • मोहम्मद मसूद मुजावर

वहीं, कुल 11 छात्रों ने 80 से अधिक अंक प्राप्त कर चयन के बेहद करीब पहुंचकर स्कूल के उत्कृष्ट परिणाम को और मजबूत किया।

शाला में जश्न का माहौल:

चयन की खबर मिलते ही स्कूल में खुशी का माहौल बन गया। प्रधान पाठक अश्वनी कुमार देवांगन और अन्य शिक्षकों ने बच्चों का मुंह मीठा कर उनका स्वागत किया और पेन भेंट कर उन्हें बधाई दी।

पालकों ने भी स्कूल पहुंचकर शिक्षकों का आभार व्यक्त किया और बताया कि बच्चे स्कूल के साथ-साथ घर पर भी रोजाना अतिरिक्त दो घंटे मेहनत करते थे।

सभी का मिला साथ, मिली बड़ी सफलता:

इस उपलब्धि पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी विनोद शुक्ला, एबीओ राजेश्वरी चंद्राकार, संध्या ढीढी, रश्मि ठाकुर, बीआरसी श्रवण सिन्हा सहित जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों और ग्रामवासियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

शाला परिवार ने भी बच्चों को नवोदय विद्यालय में आगे बढ़ने और उज्ज्वल भविष्य बनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
ढौर स्कूल की यह सफलता सिर्फ परिणाम नहीं, बल्कि संघर्ष, समर्पण और निरंतर प्रयास की प्रेरणादायक कहानी है, जो बताती है कि कठिन परिस्थितियों में भी हौसला और मेहनत से हर सपना साकार किया जा सकता है।


ढौर स्कूल की यह सफलता सिर्फ परिणाम नहीं, बल्कि संघर्ष, समर्पण और निरंतर प्रयास की प्रेरणादायक कहानी है, जो बताती है कि कठिन परिस्थितियों में भी हौसला और मेहनत से हर सपना साकार किया जा सकता है।

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