दुर्ग, महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण केन्द्र दुर्ग द्वारा परियोजना दुर्ग ग्रामीण के सेक्टर रसमड़ा में शासन की योजनाओं के प्रति निरंतर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिसका सकारात्मक प्रभाव अब जमीनी स्तर पर देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में ग्राम सिलोदा, ग्राम पंचायत खपरी की निवासी गीतांजली साहू इसका एक सफल उदाहरण बनकर सामने आई हैं।
गीतांजली साहू के पति देवेंद्र कुमार साहू ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान महिला सशक्तिकरण केन्द्र की टीम एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा उन्हें प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की जानकारी दी गई और उनका पंजीयन कराया गया। योजना के अंतर्गत गर्भावस्था के पांचवें माह में उन्हें पहली किस्त के रूप में 3000 रुपये की सहायता राशि प्राप्त हुई।
प्रारंभ में गीतांजली का वजन मात्र 38 किलोग्राम था और हीमोग्लोबिन स्तर 10 ग्राम था। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के मार्गदर्शन में उन्होंने इस राशि का उपयोग अपने पोषण सुधार में किया और आहार में अंकुरित अनाज, सलाद, फल एवं दूध को शामिल किया। नियमित देखभाल और संतुलित भोजन के परिणामस्वरूप गर्भावस्था के नौवें माह तक उनका वजन लगभग 8 किलोग्राम बढ़ा और हीमोग्लोबिन स्तर बढ़कर 11 ग्राम हो गया।
23 नवंबर 2025 को गीतांजली ने 2.50 किलोग्राम वजन के एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया। जन्म के बाद भी उन्होंने बच्चे को नियमित स्तनपान कराया, जिससे एक माह में बच्चे का वजन बढ़कर लगभग 3.5 किलोग्राम हो गया।
गीतांजली साहू ने शासन की योजनाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर मिली जानकारी और पोषण सहायता के कारण उन्हें स्वस्थ मातृत्व प्राप्त हुआ। उन्होंने अन्य गर्भवती महिलाओं से भी ऐसी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।


