रायपुर, 12 मार्च छत्तीसगढ़ सरकार ने आज प्रदेशभर के बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान (एमबीबीएस) योजना की शुरूआत की। माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर के मेडिकल कॉलेज स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में आयोजित समारोह में योजना की औपचारिक घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी और उसके दौरान लागू सुरक्षा प्रोटोकॉल के कारण कई महीनों तक मीटर रीडिंग नहीं हो पाई थी। परिणामस्वरूप उपभोक्ताओं को एक साथ कई महीनों के बिजली बिल प्राप्त हुए, जिन्हें जमा करना कई लोगों के लिए कठिन हो गया। इस योजना के माध्यम से 29 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को 758 करोड़ रुपए तक की सीधे छूट दी जाएगी। यह छूट बकाया मूल राशि और अधिभार (सरचार्ज) दोनों पर लागू होगी और पहली बार इस प्रकार की बड़ी राशि एकमुश्त माफ की जा रही है।
एमबीबीएस योजना के तहत भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं को एम-ऊर्जा (मुख्यमंत्री उर्जा राहत जन अभियान) का लाभ मिलेगा। इसके तहत 400 यूनिट तक खपत करने पर 200 यूनिट तक बिल राशि में 50% छूट दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने योजना के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। साथ ही पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के 2,931 हितग्राहियों को 8 करोड़ 79 लाख रुपए की सब्सिडी वितरित की गई। पीएम कुसुम और अन्य योजना के लाभार्थियों को भी प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। महिला स्वयं सहायता समूहों को पीएम सूर्यघर वेंडर के रूप में प्रमाणित किया गया।

ऊर्जा सचिव और छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन एवं जनरेशन कंपनी के अध्यक्ष डॉ. रोहित यादव ने बताया कि इस योजना में शामिल उपभोक्ताओं को 30 जून तक अपने पंजीकरण की सुविधा मोर बिजली एप या विद्युत वितरण केंद्रों के माध्यम से करानी होगी। योजना का क्रियान्वयन राज्यभर के सभी वितरण केंद्रों में तुरंत शुरू कर दिया गया है।
रायपुर उत्तर के विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि एमबीबीएस योजना गरीब, किसानों और आम उपभोक्ताओं को सीधे लाभ पहुंचाएगी। रायपुर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे और छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक भीमसिंह कंवर ने भी योजना की सराहना की।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष, नगर निगम आयुक्त, विद्युत नियामक आयोग के सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। एमबीबीएस योजना राज्य में बिजली उपभोक्ताओं के लिए आर्थिक राहत और सुरक्षित भुगतान विकल्प सुनिश्चित करने वाली महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।





