बेबी हालदार मुख्य अतिथि: साहित्यकार सम्मान, पुस्तकों का विमोचन व आजीवन उपलब्धि सम्मान
भिलाई, 8 मार्च रविवार को महिला दिवस के सुअवसर पर मुक्तस्वर साहित्य समिति के तत्वावधान में सेक्टर 4,एस एन जी विद्या पीठ भिलाई नगर के अडिटोरियम में पुस्तक विमोचन एवं मुक्तस्वर साहित्य अलंकरण समारोह का आयोजन हुआ ।
इस आयोजन के मुख्य अतिथि के रूप पश्चिम बंगाल कोलकाता हालिशहर से विश्व विख्यात लेखिका बेबी हालदार की उपस्थिति रही। अति विशिष्ट अतिथि के रूप में बालाघाट मध्यप्रदेश के सुप्रसिद्ध गीतकार, गजलकार व शिखर साहित्य संस्था बालाघाट के महासचिव अशोक कुमार सिंहासने ‘असीम’ उपस्थित रहे । विशिष्ट अतिथि के रूप में एस एन जी विद्या पीठ के अध्यक्ष वी. के. बाबू तथा समीक्षक व विशेष अतिथि के रूप में पत्रकार व कथाकार शिवनाथ शुक्ल एवं मुक्तस्वर के मुख्य संरक्षक रजनीकांत श्रीवास्तव अपनी उपस्थिति दर्ज की ।

कार्यक्रम की शुरुआत सुप्रसिद्ध गायिका सोनाली सेन द्वारा सरस्वती वंदना एवं वंदे मातरम गीत की प्रस्तुति से हुई। मुक्तस्वर साहित्य समिति के शीशलता शालू की पुस्तक शालू के प्यार भरे नगमें, संतोष जाटव जालौनी के ‘फर्ज के दीपक जलायें’ एवं शंकर भट्टाचार्य की ‘दीवार पर टंगी तस्वीर’ आदि पुस्तक का विमोचन इस अवसर पर किया गया । बाहर से आए तीनों अतिथियों को मुक्तस्वर साहित्य अलंकरण से अलंकृत किया जायेगा। इसके अलावा महिला दिवस के उपलक्ष्य पर महिला दिवस नारी सम्मान जाने माने प्रसिद्ध गायिका सोनाली सेन तथा गीत वितान कला केन्द्र की ओर से प्रसिद्ध लेखिका बेबी हालदार का “महिला दिवस नारी सम्मान” किया गया ।
कृतिकार शीशलता शालू, संतोष जाटव जालौनी एवं शंकर भट्टाचार्य ने विमोचित पुस्तक से कुछ प्रतिनिधि रचनाओं का पाठ किया । तीनों कृतियों पर अशोक कुमार सिंहासने, शिवनाथ शुक्ल एवं रजनीकांत श्रीवास्तव तीनों समीक्षात्मकों ने अपनी बात रखते हुए कहा कि तीनों रचनाकारों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से वर्तमान समाज के मानवीय मूल्यों के उस पहलू को छूने की कोशिश की जो देश समाज के बहुत ही जरूरी पक्ष है। तीनों कृतिकार का सम्मान शाल ओढ़ाकर श्रीफल व मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। इसके पश्चात वी के बाबू, शिवनाथ शुक्ल एवं रजनीकांत श्रीवास्तव को समिति की ओर शाल श्रीफल मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।
तत्पश्चात पश्चिम बंगाल कोलकाता से पधारी विश्व विख्यात लेखिका बेबी एवं बालाघाट मध्यप्रदेश से पधारे जानेमाने गीतकार, गजलकार एवं लेखक अशोक कुमार सिंहासने ‘असीम’ को मुक्तस्वर साहित्य समिति के सभी सदस्यों ने मिलकर दोनों अतिथि को को मुक्तस्वर अलंकरण – 2026 से अलंकृत किया। अलंकरण स्वरूप शाल ओढ़ाकर, श्रीफल मोमेंटो सम्मान पत्र, तथा सम्मान राशि भेंट की । नई दिल्ली के जाने माने व्यंग्यकार, उपन्यासकार लेखक तथा न्यू वर्ल्ड पब्लिकेशन के संचालक जिनको कार्यक्रम की अध्यक्षता करना था अचानक उनके पिता के एटेक आने के कारण कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो पाये थे। उनकी अनुपस्थिति पर उनका मुक्तस्वर साहित्य अलंकरण सम्मान समिति के उप-सचिव शंकर भट्टाचार्य को सौंपा गया एवं वह एम एम चन्द्रा तक पंहुचा दिया जायेगा । इसके बाद दीर्घकालिक साहित्य सेवा हेतु समिति के अध्यक्ष गोविन्द पाल को समिति की ओर से आजीवन उपलब्धि (लाइफ़ टाइम अचीवमेंट) सम्मान से सम्मानित किया गया। अतिथियों को मिले सम्मान पत्र का वाचन समिति के संरक्षक नेहा वार्ष्णेय, महासचिव नरेंद्र सिक्केवाल, कोषाध्यक्ष संतोष जाटव जालौनी, प्रधान संपादक दुलाल समाद्दार ने किया। कार्यक्रम में अंचल के प्रबुद्धजनों तथा सैकड़ों साहित्य प्रेमियों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया तथा अपनी उपस्थिति दर्ज की।

जिनमें से प्रमुख रूप से समिति के संयोजन वासुदेव भट्टाचार्य, मीडिया प्रभारी अर्जुन मंडल, सह – संपादक दयालन उन्नी माधवन, कानूनी सलाहकार सत्यवती शुक्ल, कार्यकारिणी सदस्यों में आकांक्षा तिवारी, शमशीर शिवानी, आर एन देबनाथ, विपुल सेन, के अलावा विशेष रूप से राजस्थान उदयपुर से जाने माने आलोचक, कथाकार कवि डाॅ. नरेंद्र निर्मल की उपस्थिति रही। गीत वितान कला केन्द्र से अध्यक्ष रजनी सिन्हा, सचिव मिथुन दास, उद्योगपति कैलाश बरमेचा, शायर रौनक जमाल, विजय गुप्ता, गुलाब कश्यप, ध्रुव मजुमदार, जयश्री मजुमदार, बीणा श्रीवास्तव, दीपा पाल, विटेश्वर नाथ, अभिमान एस नाथ, अमृताशं एस नाथ, सिद्धार्थ सायरे, गीतेश्वर प्रसाद, संतोष, राकेश रत्नाकर, दीपक कांति दत्ता, पूजा चौधरी, गितीका सेन, धर्मेन्द्र गुप्ता, डाॅ. नीलकंठ देवांगन, यशवंत यश सूर्यवंशी, दिनश मिश्रा, शावनी गोयल, अंकिता गोयल, प्रशांत गोयल, ओजस कृष्ण तिवारी, जितेन्द्र कुमार तिवारी, मिलिन्द इन्दरवार, श्यामा तिवारी, डाॅ. संजय दानी, गिरीश, संगीता दिल्लीवार, उर्मिला देशमुख, पी. पियूष, रविन्द्र सिंह जाटव, यमिनी जाटव, गीता जाटव, उमेश जाटव, एच के बंछोर, प्रकाश गावंडे, रामनरेश सिंह, शांति देवी, सतीश सेंडे, बी. एन. सरकार, चन्द्रा बनर्जी, सुचित्रा मैत्र, सुपर्ण चक्रवर्ती, सुजाता चक्रवर्ती, कृष्णा दास, श्यामा दासगुप्ता, रंजू विश्वास, सोमिता चटर्जी, कुमारी राव, उमा वर्मा, रंजन कुमार डे, थानेदार सिंह, शोभा कर्मकार, के सी राय, हरिओम दे, सोनिया सोनी, दीपक बनर्जी, शौम्या सोनी, श्रावस्ती भट्टाचार्य आदि उपस्थित रहे।


