भिलाई। हाउसिंग बोर्ड चरोदा क्षेत्र में धार्मिक भावनाएं आहत करने तथा कथित रूप से अवैध धर्मांतरण कराए जाने के आरोप में पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी है।
पुरानी भिलाई पुलिस ने बताया कि एलआईजी 437 हाउसिंग बोर्ड चरोदा निवासी वनलाल वर्मा, जो रेलवे में लोको पायलट के पद पर कार्यरत हैं, ने थाना पुरानी भिलाई में लिखित आवेदन प्रस्तुत किया। आवेदन में उन्होंने आरोप लगाया कि उनके मोहल्ले में स्थित सिकंदर माझील के मकान को आशिष आचारी (निवासी म्यूरिहाइट, बोरसी, दुर्ग) द्वारा किराए पर लिया गया है, जहां प्रत्येक रविवार सुबह लगभग 8 बजे बाहर से 15 से 20 महिला-पुरुषों एवं परिवारों को बुलाकर प्रार्थना सभा आयोजित की जाती है।
आवेदक के अनुसार प्रार्थना के दौरान वाद्य यंत्रों को अत्यधिक तेज आवाज में बजाया जाता है। साथ ही ईसाई धर्म को श्रेष्ठ बताकर हिंदू धर्म के प्रति अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया जाता है। विरोध करने पर मोहल्लेवासियों से कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया गया और उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई। आवेदन में बाहर से लोगों को बुलाकर धर्मांतरण कराए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
इस संबंध में आसपास के कई मोहल्लेवासियों—अनुरुद्ध सिंह, नितेश राव पवार, प्रकाश सिंह राजपूत, मनोज, सुधीर पाटले, पीयूष देवांगन, महेंद्र तिवारी, सुनील सिंह, जय वर्मा, विवेक निषाद, देव कुमार रजक, डॉ. विपिन कुमार सोनी एवं ए.आर. गंजीर—द्वारा घटना की जानकारी होने की बात भी आवेदन में उल्लेखित है।
पुलिस द्वारा आवेदक की रिपोर्ट पर प्रथम दृष्टया भारतीय न्याय संहिता की धारा 299 तथा छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्र्य अधिनियम, 1968 की धारा 4 के तहत अपराध घटित होना पाए जाने पर प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया गया है। मामले की विवेचना जारी है।



