करमा और डंडा नृत्य को संरक्षित करने पहल, गांव-गांव में हुआ प्रदर्शन

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छत्तीसगढ़ शासन संस्कृति विभाग की ओर से तेंदूभाठा और सहसपुर में हुआ आयोजन

भिलाई। लोक मया छत्तीसगढ़ी लोककला मंच का आयोजन ग्राम तेंदू भाठा विकास खंड साजा जिला  बेमेतरा में करमा महोत्सव के अंतर्गत किया गया। संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ शासन के सहयोग से हुए आयोजन में तेंदू भाटा के मंच पर मुख्य अतिथि घनश्याम ठाकुर और अध्यक्षता कर रहे डॉक्टर भुनेश्वर साहू विषय विशेषज्ञ एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। महेंद्र चौहान पंडवानी गायक ने मां सरस्वती के तस्वीर पर दीप प्रज्वलित कर पूजा आरती कर गुलाल लगाकर कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

सर्वप्रथम ग्राम तेंदू भाटा के राज्य अलंकरण से सम्मानित घनश्याम ठाकुर का प्रदर्शन हुआ राधेश्याम करमा नृत्य दल ने 20 कलाकारों के साथ झूम-झूम कर मादर और झाझ बजाकर अद्भुत ढंग से करमा नृत्य का प्रदर्शन किया। सुहागपुर कवर्धा वाले राधे श्याम साहू ने करमा नृत्य और भाटा टोला वाले कर्मा नृत्य का प्रदर्शन किया। करमा नृत्य के बारे में घनश्याम ठाकुर ने विस्तार से जानकारी दी। डॉक्टर भुनेश्वर साहू और महेंद्र चौहान ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

इसी तरह लोकधारा छत्तीसगढ़ी लोक कला समिति का आयोजन ग्राम सहसपुर विकासखंड साजा जिला बेमेतरा में किया गया। संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ शासन के सहयोग से हुए आयोजन में तीन टीम ने डंडा नृत्य का प्रदर्शन किया। टीम सिलघट से जय मां सरस्वती टीम ने अपना प्रदर्शन किया और उसके बाद में डंडा नृत्य भिंभौरी वाले राजेंद्र वर्मा का प्रदर्शन हुआ। अंत में सहसपुर के डंडा नृत्य दल राधा कृष्ण ने प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होरीलाल साहू लोक कलाकार ने कहा कि आज विलुप्त हो रहे डंडा नृत्य को ऐसे आयोजनों के माध्यम से ही संरक्षित किया जा सकता है। उन्होंने इस आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ शासन संस्कृति विभाग का आभार जताया। इस दौरा नाच के कलाकार प्रेमलाल साहू ने भी अपने विचार व्यक्त किए। तीनों टीम को स्मृति चिन्ह शॉल और श्रीफल देकर सम्मानित किया गया।

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