वर्चुअल साहित्यिक आयोजन मे देश-विदेश से जुड़े कवियों की प्रभावशाली सहभागिता देखने को मिली
भिलाई। प्रवाह परिवार के तत्वावधान में आयोजित भव्य साहित्यिक आयोजन काव्य का महाकुंभ का शुभारंभ वर्चुअल हुआ। साहित्य और काव्य के क्षेत्र में यह आयोजन एक ऐतिहासिक पहल के रूप में उभरकर सामने आया, जिसमें देश-विदेश से जुड़े कवियों की प्रभावशाली सहभागिता देखने को मिली।
कार्यक्रम में हास्य-व्यंग्य के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित हस्ताक्षर प्रवीण शुक्ला की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष ऊँचाई प्रदान की। साथ ही दैनिक जागरण के जनरल मैनेजर राघवेन्द्र चड्डा, बाल प्रहरी के संस्थापक उदय किरौला एवं दिलीप की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की साहित्यिक महत्ता को और अधिक सुदृढ़ किया।

कार्यक्रम का सशक्त, संतुलित एवं प्रभावशाली संचालन रेखा चौहान और सुमन द्वारा किया गया। काव्य के इस महाकुंभ में सौरभ सहित अनेक प्रतिष्ठित कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं को भाव, विचार और हास्य-व्यंग्य की विविध रंगतों से सराबोर किया।
इस अवसर पर प्रवाह परिवार के संस्थापक हिमांशु पाठक ने सभी कवियों का आत्मीय स्वागत करते हुए जानकारी दी कि यह साहित्यिक आयोजन निरंतर एक माह तक संचालित रहेगा। उन्होंने कहा कि काव्य का महाकुंभ रचनाकारों को एक साझा मंच प्रदान कर साहित्य को जन-जन तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम बनेगा। संस्था की उपाध्यक्ष श्वेता ने प्रवाह परिवार में पधारे सभी कवियों का स्वागत करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया तथा इस साहित्यिक परिवार के निरंतर विस्तार और रचनात्मक संवाद की कामना की। कार्यक्रम में विनोद रावत, बलराम, सर्वजीत सिंह सहित अनेक गणमान्य साहित्यप्रेमी एवं कविजन उपस्थित रहे, जिनकी सहभागिता ने आयोजन को और अधिक स्मरणीय बना दिया। कुल मिलाकर द्यकाव्य का महाकुंभद्ग साहित्य, संवेदना और संवाद का ऐसा संगम सिद्ध हुआ, जिसने प्रवाह परिवार की साहित्यिक प्रतिबद्धता को एक नई पहचान दी।



